आजकल आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और वंचित लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में अपनी पहचान बना ली है। इस योजना के तहत गरीब लोगों को निजी अस्पतालों में भी सस्ते दामों पर इलाज की सुविधा मिलती है। लेकिन हाल ही में हरियाणा के सिरसा जिले में कुछ मामलों में आयुष्मान कार्ड धारकों को अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिलने की शिकायतें उठाई गई हैं।

सरसा जिले के कुछ आयुष्मान कार्ड धारक लोगों ने यह दावा किया है कि उन्हें निजी अस्पतालों में इलाज के लिए नहीं लिया गया और उन्हें वहां से भगाकर सरकारी अस्पतालों में भेज दिया गया है, जहां उन्हें अच्छा इलाज नहीं मिल पाया। साथ ही उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि यह मामला हरियाणा के सिरसा जिले का है, जहां इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने करीब 80 प्राइवेट अस्पतालों में 15 जुलाई तक आयुष्मान कार्ड पर मिलने वाली सभी सेवाएं पूरी तरह से से बंद कर दिया है। ऐसे में  सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी काउंटर से लेकर मेंन गेट पर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जिस वजह से करीब 50 मरीजों को इलाज kiये बिना उन्हें वापस भेज दिया गया।

आयुष्मान योजना में प्राइवेट अस्पताल का करोड़ों रुपये फंसा

IMA के पूर्व प्रधान आशीष खुराना के मुताबिक आयुष्मान योजना में प्राइवेट अस्पताल का करोड़ों रुपये फंसा है। वहीं इस पैसे को जारी करने के लिए अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालांकि इस मामले को लेकर उन्होंने कई बार सरकार बातचीत कर चुकी है। बता दें कि स्टेट बॉडी में यह फैसला किया गया था कि आयुष्मान के तहत प्राइवेट अस्पतालों में जीतने भी मरीजों का इलाज चल रहा है, उसका सारा भुगतान सरकार करेगा।

वहीं नए मरीजों को आयुष्मान कार्ड के जरिए निजी अस्पतालों में इलाज नहीं किया जाएगा। ऐसे में IMA ने 15 जुलाई तक प्राइवेट हॉस्पिटलों में आयुष्मान कार्ड पर लोगों को सेवाएं देना बंद कर दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि हरियाणा के आगामी निर्देशों के बाद ही इस सुविधा को फिर दोबारा शुरू किया जा सकता है।

आयुष्मान योजना पर गरीबों का विश्वास हुआ कमजोर

आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत से लेकर अब तक, इस योजना के तहत गरीब लोगों को अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं। लेकिन इसके बावजूद, अनेक मामलों में यह देखा गया है कि निजी अस्पतालों में लोगों को इलाज के लिए मान्यता देने में कठिनाई हो रही है। इससे गरीब और वंचित लोगों का विश्वास इस योजना पर कमजोर पड़ता जा रहा है।

By tnm

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