आजकल की बदलती जीवनशैली की वजह से लोगों में शारीरिक गतिविधियां काफी कम होगी है, जोकि सेहत के लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नहीं है। ऐसे में वैश्विक स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि दुनिया भर में लगभग 1.8 बिलियन वयस्कों को पर्याप्त शारीरिक गतिविधियां न करने के कारण बीमारी का खतरा हो सकता है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, शारीरिक गतिविधियां न करने की वजह से लोगों में दिल की बीमारियां, डायबिटीज, और कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में इस रिपोर्ट के माध्यम से डब्ल्यूएचओ ने शारीरिक गतिविधियों के महत्व को सार्वजनिक रूप से स्थापित करने की अपील की है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हो सके और बीमारियों का खतरा कम हो सके।
रिपोर्ट में क्या पाया गया
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में उठाई गई मुख्य बातें यह हैं कि व्यक्ति जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों की कमी, जैसे कि बैठे रहना, अधिक समय बैठकर काम करना, या फिर व्यापारिक यात्राएं, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे शारीरिक और मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, जो स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
रिपोर्ट में इस बारे में भी बताया गया है कि विकसित और विकासशील देशों में भी शारीरिक गतिविधियां न करने की समस्या बढ़ रही है। अधिकांश लोग दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। विशेष रूप से यह समस्या शहरी क्षेत्रों में विकसित हो रही है, जहां लोगों के पास समय कम होने के कारण व्यायाम करने का अवसर कम होता है।
WHO ने रिपोर्ट में दिया सुझाव
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में सुझाव दिए हैं कि स्वास्थ्य को सुधारने के लिए लोगों को नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। इसके अलावा, सरकारों को भी लोगों को व्यायाम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उपाय अपनाने चाहिए, जैसे कि सार्वजनिक स्थलों में व्यायाम की सुविधा प्रदान करना और एजुकेशनल प्रोग्राम चलाना।
