अगर आप भी दूध पीने के शौकीन है और पैकेट वाला दूध पीते हैं तो हो जाएं सावधान। दरअसल सोशल मीडिया पर इन दिनों लगातार देश में मिलावटी खाद्य पदार्थ को लेकर मामले सामने आए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है जिसमें एक यूजर ने दावा किया है कि इन दिनों दूध में डिटर्जेंट मिक्स किया जा रहा है ताकि दूध ज्यादा सफेद और गाढ़ा दिखे। वहीं इस पोस्ट से सवाल उठता है कि आखिर सरकार इन मामलों पर रोक क्यों नहीं लगा पा रही है।
X पर एक यूजर ने बताया मिलावटी दूध के बारे में
बता दें कि यूजर राम ने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि इन दिनों भारत में खाद्य सुरक्षा को लेकर काफी मामले सामने आए हैं। ऐसे में मैं आपको एक और चौकानें वाली जानकारी देना चाहता हूँ। दरअसल कई साल पहले, मैंने एक बड़ी कंपनी में काम करते हुए एक नया लिक्विड डिटर्जेंट लॉन्च किया था। इस दौरान एक सेल्समैन मेरे पास आया और कहा कि अगर डिटर्जेंट की खुशबू इतनी तेज़ न होती तो वह बहुत ज़्यादा बिक्री करवा सकता है। बता दें कि उस व्यक्ति ने कहा कि बहुत से लोग दूध में मिलाने के लिए लिक्विड डिटर्जेंट खरीदते हैं। ऐसा लिए क्योंकी डिटर्जेंट में मौजूद ऑप्टिकल ब्राइटनर दूध को सफ़ेद बनाता है और दूध में अतिरिक्त झाग छोड़ता है। जिससे लोगों को दूध देखने में असली और ताजा लगता है।
कैंडी बनाते समय डिशवॉश का यूज
वहीं राम के पोस्ट पर एक अन्य यूजर ने लिखा कि कैंडी फैक्टरी में भी कुछ ऐसा ही मिलावट का गंदा खेल चल रहा था। उसने बताया कि उस फैक्ट्री में पुराने कुक को हटाकर एक नया कुक रखा जो ज्यादा क्रिस्पी कैंडीज बनाता था। ऐसे में जब क्रिस्पी कैंडीज बनाने के तरीकों की जांच हुई तो पता चला कि वह कैंडी बनाने से पहले उसमें डिशवॉश लिक्विड मिलाता था। जिस वजह से उस फैक्टरी में बहुत ज्यादा क्रिस्पी कैंडी बनती थी।
डिटर्जेंट और डिशवॉश लिक्विड से होने वाले सेहत नुकसान
ऐसे में अगर आप इन मिलावटी दूध का सेवन करते हैं तो इससे आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचता है। दरअसल सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायर्नमेंट (CSE) ने अपनी एक स्टडी में खुलासा किया है कि अगर कोई डिटर्जेंट मिला हुआ दूध का सेवन करता है तो इससे उसके शरीर के सभी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं इससे फूड प्वाइजनिंग और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की भी समस्याएं हो सकती है। बता दें कि इन चीजों को रोकने के लिए सरकार ने तमाम कदम उठायें हैं, लेकिन फिर भी देश में मिलावट का खतरनाक खेल जारी है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
