भारत सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू के हाल ही में कई मामले सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं डबल्यूएचओ ने सभी लोगों को एवियन बर्ड फ्लू के फैलने को लेकर चेतावनी भी दी है। ऐसे में अब केरल स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक रोकथाम दिशा-निर्देश जारी करके एवियन फ्लू के प्रसार से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। वहीं केरल में जारी किये गए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य संक्रमण के जोखिम को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। हालांकि केरल स्वास्थ्य विभाग दिशा-निर्देश में पोल्ट्री और मनुष्यों के बीच एवियन फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए कई प्रमुख उपायों पर जोर देते हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षणों का पता लगाना
सबसे पहले एवियन इन्फ्लूएंजा के किसी भी लक्षण का जल्द पता लगाने के लिए पोल्ट्री फार्म और बाजारों की सख्त निगरानी करनी है। इसमें पक्षियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और पोल्ट्री में किसी भी असामान्य बीमारी या मृत्यु की तत्काल रिपोर्ट करना शामिल है।
पोल्ट्री फार्म और बाजारों में जैव सुरक्षा बनाए रखना
इसके अलावा, यह दिशा-निर्देश पोल्ट्री फार्म और बाजारों में जैव सुरक्षा उपायों को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हैं। इसमें फार्म तक पहुंच को नियंत्रित करना, उचित स्वच्छता प्रथाओं को सुनिश्चित करना और उपकरणों और परिसर को नियमित रूप से कीटाणुरहित करना शामिल है।
दस्ताने और मास्क का यूज करना
किसानों और श्रमिकों को पक्षियों और उनके मल के साथ सीधे संपर्क को कम करने के लिए दस्ताने और मास्क उपयोग करना है।
अथॉरिटेटिव सोर्स से पोल्ट्री उत्पाद खरीदना
इन उपायों के अलावा, केरल स्वास्थ्य विभाग पोल्ट्री किसानों और संचालकों को वायरस को खत्म करने के लिए सुरक्षित वध प्रथाओं और उचित खाना पकाने की तकनीकों का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अथॉरिटेटिव सोर्स से ही पोल्ट्री उत्पाद खरीदें और उपभोग से पहले उन्हें अच्छी तरह से धोएं और पका लें।
बर्ड फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक करना
वहीं जारी किये गए दिशा-निर्देशों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आम जनता के बीच मनुष्यों में एवियन फ्लू के लक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है। मामलों के प्रबंधन और आगे प्रसार को रोकने के लिए प्रारंभिक पहचान और मेडिकल ट्रीटमेंट देना जरूरी है।
