आये दिन आप सबने ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुडी  कई खबरें सुनी होंगी। अब ऐसे में एक खबर सामने आई है जिसमे केंद्र सरकार ऑर्गन ट्रांसप्लांट को लेकर कुछ नियम बदलाव की योजना बना रही है। दरअसल अभी तक मरीज को उसके सगे संबंधी ही ऑर्गन दान में दे पाते थे। लेकिन अब अन्य बाहरी लोग भी अपना ऑर्गन दान दे सकते हैं, इस पर केंद्र साकार योजना बना रही है।

करीबी लोग भी ऑर्गन डोनेशन

बता दें वर्तमान में, ज्यादातर अंगदान फैमिली के अंदर ही होते हैं, अगर परिवार का सदस्य अंगदान करने में अक्षम हो या उपलब्ध न हो, तब कोई दोस्त या जानने वाला अपनी इच्छा से अंगदान कर मरीज को कर सकता है। माता, पिता, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन और जीवनसाथी जैसे करीबी रिश्तेदारों के बीच अदला-बदली की कानून में पहले से ही अनुमति है।

एक परिवार-दूसरे परिवार के साथ ऑर्गन डोनर एक्सचेंज कर सकेंगे

बता दें जब दो ब्लड ग्रुप मेल नहीं खाते हैं तो मरीज को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अब अगर मैच उपलब्ध हो तो एक परिवार-दूसरे परिवार के साथ ऑर्गन डोनर एक्सचेंज कर सकती है। इस योजना में हेल्थ इंश्योरेंस कवर देने की प्लानिंग भी है। बता दें, ट्रांसप्लांट के लिए भारत में दो ऑप्शन दिए गए हैं। पहला जीवित संबधित डोनर और दूसरा वो डोनर जिसकी मृत्यु हो चुकी हो या ब्रेन डेड हो। वहीँ नजदीकी रिश्तेदार प्रथम श्रेणी के परिवार के सदस्य होते हैं जिन्हें कानून के अनुसार अंगदान के लिए मंजूरी दी जाती है। नजदीकी रिश्तेदारों जैसे दोस्तों या किसी दूसरे परिवार को ऑर्गन डोनेशन के लिए कानून में फिलहाल अनुमति नहीं है। इसकी जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।

हार्ट ट्रांसप्लांट की दर बेहद कम

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 200,000 की आवश्यकता के मुकाबले केवल 6,000 किडनी ट्रांसप्लांट हो पाते हैं. हार्ट ट्रांसप्लांट की दर और भी खराब है, हर साल लगभग 10 से 15 ट्रांसप्लांट ही होते हैं, जबकि 50,000 लोग हार्ट फेलियर से मर जाते हैं। इसी तरह सालाना 2 लाख भारतीय लीवर फेलियर या लीवर कैंसर से अपनी जान गंवा देते हैं।

By tnm

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