हर महिला के लिए गर्भावस्था की स्टेज बहुत ही अहम होती है, जिस दौरान उसे अपने साथ साथ होने वाले बच्चे का भी ध्यान रखने के जरूरत होती है। ऐसे में कई महिलाओं को शुरू के तीन महीने जायदा ध्यान देना होता है, क्योंकि इस स्टेज में मिसकैरेज का खतरा काफी अधिक होता है। हालांकि कुछ बातो को ध्यान में रखकर इस खतरे से बचा जा सकता है। डॉक्टर के मुताबिक मिसकैरेज से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि महिलाएं डाइट पर फोकस करें। वहीँ इसके अलावा और भी कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। तो आज इसी से जुडी खास बातों को जानते हैं। मिसकैरेज क्या होता है
डॉक्टर के मुताबिक चार महीने तक के भ्रूण में मिसकैरेज का रिस्क अधिक होता है। अगर इस समय के दौरान पीरियड की तरह ब्लड आने लग जाये तो ये मिसकैरेज का संकेत होता है। 80 फीसदी मिसकैरेज होने का डर 0 से 13 सप्ताह के बीच होता है। कुछ मामलों में जेनेटिक कारण होते हैं जो इसकी वजह बनते हैं। किसी इंफेक्शन और प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन में गड़बड़ी के कारण भी गर्भपात होने का खतरा रहता है। ऐसे में कुछ चीजों से परहेज रखना भी जरूरी माना गया है। बाहर का खाना खाने से बचें, अधिक गर्म या अधिक ठंडा भी सेवन न करें।
हानिकारक पदार्थों से बचें
बता दें इस दौरान धूम्रपान, शराब और अत्यधिक कैफीन के सेवन से बचें। ये गर्भपात के खतरे को बह्दाने का काम भी करता है। अगर आपको कोई पुरानी बीमारी जैसे डायबिटीज, हाई बीपी और थायराइड है तो उसको कंट्रोल में रखना भी जरुरी है।
सुरक्षित व्यायाम किया जा सकता है
बता दें गर्भावस्था के दौरान नियमित, मध्यम व्यायाम फायदा देता है। लेकिन ये वर्कआउट डॉक्टर से पुच कर ही करें। गहरी सांस लेने वाले व्यायाम और रोज टहलना फायदेमंद माना जाता है।
मानसिक तनाव न लें
तनाव का हाई लेवल भी मिसकैरिज का कारण बन सकता है। योग, ध्यान या गहरी साँस लेने वाले व्यायाम जैसी तनाव कम करने वाली तकनीकों का अभ्यास करें। ऐसे में आप खुली हवा में घूमें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें और परिवार के बीच रहने की कोशिश करें। अगर आपको किसी तरह की कोई दिक्कत ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखा लें।
