वैसे तो हमारे शरीर में मौजूद सभी अंगों का अपना विशेष महत्व है। अगर इन सभी अंगों में से कोई भी अंग सही से काम नहीं करता है तो इसका सीधा असर हमारे शरीर पड़ता है। इन्हीं अंगों में से एक लिवर भी है। जिसका काम हमारे खून से गंदगी को बाहर निकालने, भोजन में मौजूद केमिकल्स को छानने और पित्त का उत्पादन करना होता है। वहीं अगर लिवर अपना सही से काम नहीं करता है तो इससे खाना सही से नहीं पचता है और न ही भूख लगता है।
इतना ही नहीं आजकल की खराब खानपान की वजह से लिवर खराब होने के मामले भी काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप नियमित रूप से लीवर का चेकअप करवाएं। बता दें कि लिवर टेस्ट के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है उसे एसजीपीटी कहा जाता है जो खून में लिवर एंजाइम लेवल की जांच करता है। चलिए इस एसजीपीटी टेस्ट के बारे में विस्तार से जानते हैं।
एसजीपीटी टेस्ट क्या होता है

एसजीपीटी टेस्ट एक ब्लड टेस्ट होता है। वहीं इस टेस्ट का यूज लिवर में बनने वाले ALT यानी एलनिन ट्रांसएमिनेज एंजाइम को मापने के लिए किया जाता है। बता दें कि एसजीपीटी की सामान्य रेंज 7 से 55 यूनिट प्रति लीटर खून के बीच होती है। जब आप अपना एसजीपीटी से टेस्ट करवाते हो और आपका एसजीपीटी 50 है तो आपका लिवर दुरुस्त है। ऐसा इसलिए क्योंकि एसजीपीटी 50 रेंज को नॉर्मल माना जाता है। वहीं रेंज इससे अधिक है तो इसका मतलब की आपको लिवर से जुड़ी प्रॉब्लम हो सकती है।
हाई एसजीपीटी लेवल होने की वजह
अनहेल्दी डाइट का सेवन करना
डायबिटीज और मोटापे की समस्या होना
बहुत ज्यादा शराब और स्मोकिंग करना
एसजीपीटी लेवल बढ़ने के लक्षण
उल्टी या मतली की समस्या होना
कमजोरी महसूस करना
थकान होना
पैरों में सूजन होना
पीलिया लक्षण नजर आने
कितनी बार होता है ये एसजीपीटी टेस्ट
एसजीपीटी टेस्ट का यूज लिवर से जुड़ी बीमारी का पता लगाने के लिए किया जाता है। अगर आप यह टेस्ट करवाते हो और आपको लिवर डैमेज होने के जोखिम का पता चलता है तो उसके बाद डॉक्टर आपका इलाज शुरू करता है। उसके बाद बीमारी ठीक हुई या नहीं यह देखने के लिए डॉक्टर एक बार फिर से टेस्ट कराने की सलाह देता है। अगर दूसरी बार रिपोर्ट नॉर्मल आता है तो आप साल में एक बार एसजीपीटी टेस्ट जरूर कराएं।
एसजीपीटी लेवल को मेंटेन करने के टिप्स
हेल्दी डाइट का सेवन करें
बॉडी में विटामिन डी का लेवल बनाए रखें
डेली रूटीन में एक्सरसाइज को शामिल करें
शराब और स्मोकिंग करने से बचें
अपनी हेल्थ की रूटीन चेकअप करवाते रहें
नियमित रूप से हेल्थ चैकअप कराते रहें
