छत्तीसगढ़ में डायरिया के बाद अब पीलिया ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। दरअसल छतीसगढ़ के राजनांदगांव के निचली बस्तियों में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत सामने आ रही है। वहीं अब इससे जुड़े वार्ड शांति नगर व शंकर नगर में भी नलों से गंदा पानी आने की शिकायत सामने आ रही है। बता दें कि गंदे पानी की वजह से इन क्षेत्रों से भी सप्ताह भर में दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया के शिकार हो गए हैं।
वहीं मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में सप्ताह भर में पीलिया पीड़ित दर्जन भर लोग ऐडमीट हुए हैं। लोगों द्वारा गंदा पानी आने की शिकायत निगम प्रशासन से की जा रही है लेकिन निगम के अफसर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। निगम की अनदेखी से लोग पीलिया व डायरिया जैसे जानलेवा बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं पीलिया क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के क्या उपाय हैं।
पीलिया क्या है
पीलिया एक बीमारी है जो शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होने के कारण होती है। बिलीरुबिन का निर्माण शरीर के उत्तकों और खून में होता है। आमतौर पर जब किसी कारणों से लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं तो पीले रंग के बिलीरुबिन का निर्माण होता है। बिलीरुबिन लिवर से फिलटर होकर शरीर से बाहर निकलता है, लेकिन जब किसी कारणों से यह खून से लिवर में नहीं जाता है या लिवर द्वारा फिलटर नहीं होता है तो शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाती है जिससे पीलिया होता है।
क्या हैं पीलिया के लक्षण
बुखार और थकान होना
वजन कम होना
कमजोरी होना
भूख न लगना और पेट में दर्द होना
सिर दर्द की समस्या होना
शरीर में जलन और हल्के रंग का मल होना
कब्ज, खुजली और उलटी का शिकायत रहना
पेशाब का रंग गहरा होना
शरीर का पीला दिखना
पीलिया से ऐसे करें बचाव
कम से कम 8 गिलास पानी रोजाना पिए
हर्बल चाय का सेवन करे
मिल्क थिस्टल का सेवन रोजाना करें
पपीता, एवोकाडो और आम का सेवन करें
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थो जैसे खीरा और लौकी का सेवन करें
बेरीज जैसे स्ट्रॉ बेरी, ब्लैक बेरी और ब्लू बेरी का सेवन करें
बीन्स का सेवन करें
साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
