यूं तो अंगदान करना कितना जरूरी है यह बात तो हम सभी जानते हैं। लेकिन इसके बावजूद लोग अंग दान करने से बचते हैं। वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जो अंगदान कर लोगों का जान बचाना चाहते हैं। ऐसा ही मामला हरियाणा के कैथल के रहने वाले दो युवा शुभम और प्रीत का आया है जिन्होंने दुनिया को अलविदा कहने बावजूद अंगदान कर लोगों को नया जीवनदान दिया है। दरअसल दोनों ही अलग-अलग सड़क दुर्घटना के शिकार हुए थे जिसके बाद डॉक्टरो ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
वहीं यह दोनों दुनिया से जाने के बाद भी भी वे 9 लोगों को नया जीवन देकर गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम (टीएचओए) के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स ने अंग दान के विकल्प पर विचार करने के लिए परिवार से संपर्क किया और उनकी सहमति के बाद प्रक्रिया शुरू की गई।
शुभम ने 5 लोगों को अंगदान कर दी नई ज़िंदगी
बता दें कि शुभम को 9 मई को ब्रेन डेड घोषित किया था। जिसके बाद शुभम का अग्नाशय, किडनी और कॉर्निया का ट्रांस्पलेंट पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल 4 मरीजों में किया गया। वहीं लिवर का मैच न होने पर उसे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हवाई मार्ग से आईएलबीएस नई दिल्ली भेजा गया जहां इसे एक मरीज को दिया गया।
प्रीत ने दी 4 लोगों को नई ज़िंदगी
18 वर्षीय प्रीत को भी डॉक्टर ने ब्रेन डेड घोषित करने के बाद उसके परिवार ने उसके अंग दान करके चार गंभीर रूप से बीमार रोगियों की जान बचाई। वहीं अग्न्याशय व एक किडनी पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती दो मरीजों और एक किडनी एक अन्य मरीज को दिया गया। जबकि लिवर नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल भेजा गया।
अंगदान करने पर डोनर के माता-पिता क्या बोले
इस मामला में शुभम के पिता वजीर सिंह ने कहा, ‘हमारे दिमाग में बस यही विचार था कि हमारा फैसला किसी और का जीवन बचा सकता है।’ वहीं, प्रीत के माता-पिता जोगिंदर पाल सिंह और पिंकी रानी ने मानवता की मिसाल देते हुए बेटी के अंगदान का फैसला लिया।
