बहुत बार ऐसा होता है कि ज्यादा कम्फ़र्टेबल होने के लिए हम में से बहुत से लोग घर या दफ्तर में बैठने के लिए अपने एक पैर पर दूसरे पैर को रखकर बड़े मजे से बैठ जाते हैं। कुछ देर तक तो ठीक रहता है, लेकिन जब ज्यादा देर तक ऐसे बैठते हैं तो टांगों में दिक्कत होने लगती है। बता दें इस परेशानी के होने से पेल्विक एरिया में बोन एलाइनमेंट की परेशानी बढ़ सकती है और ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है। कई शोधों में भी पाया गया है कि जिन लोगों को क्रॉस लेग करके बैठने की आदत होती है, उन्हें कई छोटी बड़ी परेशानियाँ होती ही रहती हैं। तो आज आपको क्रॉस लेग पोस्चर से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं।
आखिर क्रॉस लेग पोस्चर में बैठने से सेहत को क्या नुकसान होता है
प्रेग्नेंसी में समस्या हो सकती है
आपको बता दें प्रेग्नेंट महिला को ऐसा करने से बचना चाहिए। इससे कई तरह की परेशानियां उन्हें हो सकती है। दरअसल प्रेगनेंसी में महिलाओं के शरीर में काफी तेजी से बदलाव हो रहे होते हैं। ऐसे में मसल्स क्रैम्प, पीठ में दर्द आदि समस्या काफी कॉमन हो जाती है। अगर प्रेगनेंट महिला क्रॉस लेग में बैठेती है तो मां के साथ साथ बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही नहीं, लेग क्रैंप, जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का खतरा
जब भी डॉक्टर से बीपी चेक करवाया जाता है तो डॉ. दोनों पैरों को जमीन पर रखने के लिए बोलता है। ताकि ब्लड प्रेशर सही आ सके। वहीँ ब्लड फ्लो बेहतर रहने के लिए दोनों पैरों को समान रूप से जमीन पर रहना फायदेमंद रहता है। लेकिन अगर क्रॉस लेग बैठते हैं तो ब्लड प्रेशर टेम्पररी स्पाइक हो सकता है। खासतौर पर अगर आपके घुटनों से पैरों को एक दूसरे पर रखा गया हो।
वैरिकोज वेन्स की समस्या हो सकती है
वैरिकोज वेन्स की समस्या हो सकती है जब ब्लड वेन्स से गुजरते हुए आसानी से हार्ट तक नहीं पहुँच पाता है या पंप मिलने के बावजूद कहीं ब्लड फ्लो में परेशानी होने लगती है तो वेन्स में ब्लड बैक फ्लो करने लगती है और वैरिकोज वेन्स की प्रॉब्लम सामने आती है। इसमें शरीर के कई अंगों पर पर्पल वेन्स नजर आने लगती है। जो खून का क्लॉट होता है। क्रॉस लेग बैठने से भी ये परेशानी बढ़ सकती है।
