केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मंगलवार को जानकारी दी कि मलप्पुरम जिले में निपाह संक्रमण के संदिग्ध 13 लोगों के नमूने नकारात्मक पाए गए हैं। हाल ही में एक 24 वर्षीय व्यक्ति की निपाह वायरस के कारण मौत के बाद, 126 लोगों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखते हुए अलग किया गया था। इनमें से 13 लोगों के परीक्षण किए गए थे, जिनके परिणाम राहत देने वाले रहे और उनमें निपाह संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।

अभी भी 175 लोगों को रखा है निगरानी में

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिला प्रशासन ने 175 लोगों को निगरानी में रखा है और सभी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, हमारी पिछले अनुभवों से यह ज्ञात हुआ है कि निपाह वायरस के मामलों में जब किसी संक्रमित व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखते हैं, तो संक्रमण का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का खतरा अधिक रहता है। हालांकि, फिलहाल परीक्षण किए गए सभी नमूनों के नकारात्मक परिणाम मिले हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात

वीना जॉर्ज ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने निपाह के प्रकोप से निपटने में राज्य को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वीना जॉर्ज ने कहा कि हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत केंद्र और राज्य के बीच सहयोग सुनिश्चित करने का हिस्सा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हमें सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

मलप्पुरम में कड़े प्रतिबंध लागू

मलप्पुरम में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन ने संक्रमित व्यक्ति के घर के 3 किलोमीटर के दायरे में सख्त प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है और लोगों को इकट्ठा न होने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में दुकानें केवल एक निर्धारित समय तक ही खुली रहेंगी। वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य के अन्य जिलों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है और लोगों को मास्क पहनने और भीड़भाड़ से बचने के लिए कहा जा रहा है।

बेंगलुरू से मलप्पुरम लौटे एक व्यक्ति की 9 सितंबर को निपाह संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। यह मामला मलप्पुरम में जुलाई 2024 में एक 12 वर्षीय लड़के की निपाह से मृत्यु के बाद सामने आया। यह इस वर्ष केरल में निपाह संक्रमण का पहला पुष्ट मामला था।

केंद्र का सहयोग महत्वपूर्ण

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान राज्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि निपाह संक्रमण से निपटने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वीना जॉर्ज ने बताया, मैंने एक सप्ताह पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलने का समय मांगी थी। हमारी बैठक में राज्य की स्थिति और केंद्रीय मदद को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मलप्पुरम में संक्रमण को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के चलते अब तक कोई नए मामले सामने नहीं आए हैं, और सरकार के इस दिशा में उठाए गए कदमों से आशा की जा रही है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी।

By tnm

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