यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में दहशत फैलाने वाले खतरनाक वायरस मंकीपॉक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मेडिकल इमरजेंसी घोषित किया जा चुका है। हाल ही के दिनों में ये बीमारी एशिया में दस्तक दे चुकी है। भारत में दो दिन पहले ही इसके संदिग्ध मरीज के मिलने के बाद अलर्ट घोषित हो चुका है। कहा जा रहा है कि इस बीमारी का शिकार कोई भी हो सकता है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं जिनका इम्यून सिस्टम इस वक्त काफी कमजोर होता है। इस वायरस की चपेट में जल्दी आ सकती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सावधानी बरतने के लिए कहा है और साथ ही इसके लक्षण जानकर बचाव के रास्ते अपनाने की सलाह दी है।
गर्भवती महिलाओं को जल्दी शिकार बनाता है मंकीपॉक्स
आपको बता दें कि प्रेग्नेंट महिलाओं के शरीर में इस दौरान इम्यून सिस्टम में काफी बदलाव होते हैं, इसलिए प्रेग्नेंट महिलाएं बाहरी वायरस के लिए काफी सेंसिटिव होती हैं। ऐसे में मंकीपॉक्स फैलाने वाला एमपॉक्स वायरस आसानी से उनको अपना शिकार बना सकता है। एमपॉक्स जो शारीरिक संपर्क और दूसरी संक्रमित वस्तुओं के जरिए फैलता है, इस वायरस की चपेट में आने से प्रेग्नेंट महिला और उसके पेट में पल रहे शिशु के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

गर्भवती महिलाओं के बच्चों को रहता है ज्यादा खतरा
डॉक्टर कहते हैं कि एमपॉक्स किसी भी प्रेग्नेंट महिला के प्लेसेंटा के जरिए उसके भ्रूण तक पहुंच कर उसे बीमार कर सकता है। इससे अजन्मे बच्चे के बीमार होने, उसके संक्रमित होने, उसके समय से पहले जन्म, गर्भपात , जन्मते ही मृत्यु जैसे रिस्क पैदा हो सकते हैं। इतना ही नहीं जिन मां को एमपॉक्स का संक्रमण हैं, उनका स्तनपान करने वाले नवजात बच्चे को भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।

इससे बच्चे को बुखार, शरीर में घाव, सांस लेने में तकलीफ जैसे कॉम्प्लिकेशन रहती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को संक्रमित और संदिग्ध तौर पर संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। पर्सनल हाइजीन बनाकर रखें जैसे बार-बार हाथ धोते रहें, किसी दूसरे व्यक्ति की वस्तु को ना छुएं, सार्वजनिक स्थान पर सतहों और अन्य जगहों को ना छुएं, जानवरों के संपर्क में आने से बचे, खासकर चूहे, बंदर आदि।
