वैसे तो सोशल मीडिया पर आये दिन डॉक्टरों द्वारा किय गये लापरवाही के कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जो काफी हैरान करने वाले होते हैं। दरअसल एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला चीन से सामने आया है , जहां एक शख्स की 23 दांतों की सर्जरी के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब मृतक की बेटी ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा किया। उसने अपने पिता के इलाज के बाद की स्थिति और अस्पताल की लापरवाही के बारे में बताया। घटना पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के जिंहुआ इलाके की है, जहां योंगकांग डेवे डेंटल अस्पताल में यह हादसा हुआ।
सर्जरी के दौरान 23 दांत निकाले और 12 इंप्लांट लगाए गए
14 अगस्त को इस व्यक्ति ने योंगकांग डेवे डेंटल अस्पताल में दांतों के इलाज के लिए प्रवेश लिया। एक रूट कैनाल विशेषज्ञ डॉक्टर ने इस व्यक्ति के 23 दांत एक ही दिन में निकाल दिए और साथ ही 12 दांतों के इंप्लांट भी किए। सर्जरी से पहले डॉक्टर ने मरीज से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए थे, जिसके बाद यह पूरी प्रक्रिया की गई। मृतक की बेटी का कहना है कि उनके पिता का दर्दनाक अनुभव शुरू हो गया था जब यह सर्जरी हुई।
असहनीय दर्द के कारण हालत बिगड़ती गई

मरीज की बेटी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सर्जरी के बाद उनके पिता असहनीय दर्द से कराह रहे थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन अस्पताल ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। वह दर्द में जी रहे थे, और इसका अंत तब हुआ जब 28 अगस्त को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। बेटी ने बताया कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उनके पिता इतनी जल्दी उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। यह घटना उनके लिए और भी दर्दनाक थी क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपने पिता के लिए नई कार खरीदी थी, जिसे वे कभी चला नहीं पाए।
सोशल मीडिया पर खुलासा और अस्पताल की प्रतिक्रिया
यह मामला तब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना, जब मृतक की बेटी ने इस पूरे हादसे का खुलासा सोशल मीडिया पर किया। पोस्ट के जरिए उसने अस्पताल की लापरवाही और उसके पिता की दुर्दशा के बारे में बताया। इस पोस्ट के बाद, कई लोगों ने अस्पताल की कार्यशैली और चिकित्सा सुरक्षा पर सवाल उठाए।
इसके बाद योंगकांग मुंसिपल हेल्थ ब्यूरो ने इस घटना पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल इस मामले की जांच कर रहा है और पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक दांत निकालने और व्यक्ति की मौत के बीच 13 दिन का अंतर था। अस्पताल ने कहा है कि वह इस मामले में अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं करेगा क्योंकि मामला उनके वकील को सौंप दिया गया है। जांच के बाद ही अस्पताल कोई प्रतिक्रिया देगा।
चिकित्सा लापरवाही पर बढ़ते सवाल
इस घटना ने एक बार फिर चिकित्सा लापरवाही के मुद्दे को उभारा है। दांतों की सर्जरी जैसी आम प्रक्रिया के बाद इस तरह की गंभीर जटिलताएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं। हालांकि इस मामले में मरीज को जिस प्रकार की शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ा, वह चिकित्सा सेवा के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या सर्जरी से पहले मरीज को पूरी जानकारी दी गई थी, या इलाज के बाद उसे आवश्यक देखभाल नहीं मिली, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
