मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत का मामला सामने आया है। यह दुखद घटना देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के प्रोफेसर वीबी गुप्ता के निधन से जुड़ी है, जो स्वाइन फ्लू से संक्रमित थे। प्रोफेसर गुप्ता पिछले सात दिनों से इलाज करवा रहे थे और उन्हें बुखार की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वाइन फ्लू के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया और अंततः 7 सितंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने जानकारी दी कि 63 वर्षीय प्रोफेसर को निमोनिया, सेप्सिस और एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) के लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल की लापरवाही उजागर

इस मामले में अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 2 सितंबर को प्रोफेसर गुप्ता के सैंपल लिए गए थे और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। हालांकि अस्पताल ने इस मामले की सूचना मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को नहीं दी, जो राज्य की गाइडलाइन के खिलाफ है। इसके अलावा सैंपल को सरकारी लैब में जांच के लिए नहीं भेजा गया था, जैसा कि नियमों में तय है। अब जिला प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है और सरकारी एवं निजी अस्पतालों को सावधानी बरतने की अपील की है।

सम्मेलन के बाद बिगड़ी तबीयत

बता दें कि प्रोफेसर गुप्ता हाल ही में इंदौर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इस बीच प्रशासन ने इंदौर के सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर सतर्क किया है और सरकारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और सभी सैंपल्स की सही तरीके से जांच हो।

जबलपुर में भी मिले स्वाइन फ्लू के मरीज

स्वाइन फ्लू के मामले केवल इंदौर तक सीमित नहीं हैं। जबलपुर में भी पिछले कुछ महीनों में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आए हैं। हालांकि अधिकांश मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज हो चुका है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सतर्क किया जाएगा ताकि इस बीमारी के बढ़ते प्रकोप को रोका जा सके।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 फ्लू भी कहा जाता है, एक श्वसन संबंधी संक्रमण है जो मुख्य रूप से सूअरों में फैलता है, लेकिन इंसान भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, नाक बहना और उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन लक्षणों के आधार पर समय रहते उचित चिकित्सा मिल जाए, तो स्वाइन फ्लू से बचाव संभव है।

By tnm

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