कैंसर एक घातक बीमारी है, और महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) है। हाल के वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, खासकर कम उम्र की महिलाओं में। यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे हर साल कई महिलाएं अपनी जान गंवाती हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सामान्य कैंसर में से एक है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामले
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) की रिसर्च के अनुसार 40 साल से कम उम्र की 30 प्रतिशत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) पाया जाता है। रिसर्च के आंकड़ों से पता चला है कि 2015 में 1 लाख में से 35 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर हुआ था, लेकिन 2022 तक यह संख्या तेजी से बढ़कर 3611 तक पहुंच गई। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के केस में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि खराब और निष्क्रिय जीवनशैली कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर होने का मुख्य कारण है। आज के समय में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन, मोटापे का बढ़ता खतरा, और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारक हैं। इसके अलावा, महिलाओं में बच्चों को कम दूध पिलाना और हार्मोन थेरेपी का इस्तेमाल भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। इन कारणों से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम उम्र की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय
नियमित एक्सरसाइज
लाइफस्टाइल में सुधार करके ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। महिलाओं को शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए, क्योंकि निष्क्रिय जीवनशैली और मोटापा ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं। नियमित व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ रहता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।
धूम्रपान, शराब और जंक फूड से परहेज
अस्वस्थ जीवनशैली कई रोगों का कारण बनती है। धूम्रपान, शराब और जंक फूड से दूरी बनाकर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर रख सकते हैं। ये आदतें न केवल ब्रेस्ट कैंसर, बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों को भी जन्म देती हैं।
गर्भनिरोधक गोलियां और हार्मोन थेरेपी
गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इनसे शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। बिना विशेषज्ञ की सलाह के इनका उपयोग न करें।
