उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाने की योजना बनाई गई थी, जिसमें मरीजों की 16 तरह की जांच की जानी थी। यह योजना साल 2022 में शुरू हुई थी, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी यह योजना पूरी तरह से फेल होती नजर आ रही है। जिले में 16 हेल्थ एटीएम लगाए जाने थे, लेकिन केवल तीन ही लगाए जा सके, जिनमें से दो एटीएम एक माह बाद ही बंद हो गए।
कैसे हुई हेल्थ एटीएम खराब
इस योजना के तहत साल 2022 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बामौली, आरती, और टिकारी में हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। इन हेल्थ एटीएम को शुरुआत में एक माह तक चलाया गया, लेकिन इसके बाद वे खराब हो गए और अब तक बंद पड़े हैं। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि इन एटीएम को संचालित करने के लिए ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई थी। सात दिन पहले बामौली में एक लैब तकनीशियन की नियुक्ति हुई, जिसने हेल्थ एटीएम को चालू किया। इससे यह साफ हो गया कि एटीएम में कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि संचालन में ही समस्या थी। आरती और टिकारी में लगे हेल्थ एटीएम अब भी बंद हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर स्टाफ को उचित प्रशिक्षण दिया जाए, तो इन एटीएम को चलाया जा सकता है। गांव खोंडा के निवासी ललित शर्मा का कहना है कि हेल्थ एटीएम जब से लगा है, तब से यह बंद पड़ा है। कभी कहा जाता है कि ऑपरेटर नहीं है, तो कभी तकनीकी समस्या बताई जाती है। टिकारी के वीरपाल सिंह का कहना है कि हेल्थ एटीएम 2022 में लगाया गया था, लेकिन अब तक किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिला है।
हेल्थ एटीएम से 16 तरह की बिमारियों का होता है इलाज
हेल्थ एटीएम से ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, बॉडी फैट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट आदि करीब 16 तरह की जांच होनी थी और इनकी रिपोर्ट तुरंत मिलनी थी। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मंजीत सिंह का कहना है कि दोनों हेल्थ एटीएम के बारे में जानकारी ली जाएगी और अगर वे बंद हैं, तो उन्हें जल्द ही चालू कराया जाएगा।
यह योजना जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए शुरू की गई थी, उसकी विफलता से न केवल मरीजों को नुकसान हो रहा है, बल्कि यह योजना पर उठ रहे सवालों को भी उजागर कर रही है। यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो हेल्थ एटीएम की योजना एक असफलता का प्रतीक बन सकती है।
