इन दिनों बहुत से लोगों की जान हार्ट अटैक की वजह से जा रही है। वहीं कब, कहां और कैसे हार्ट अटैक आ जाएं, इसके बारे में कुछ भी पता नहीं होता है। ऐसे में गुरुग्राम से भी एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक बुजुर्ग व्यक्ति की जाम में फंसे होने के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह घटना बिलासपुर चौक के पास की है, जहां फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की वजह से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जाम के कारण 65 वर्षीय राजेंद्र सिंह जो भिवाड़ी के रहने वाले थे, अपनी जान गंवा बैठे।
जाम में फंसे थे, अचानक आया हार्ट अटैक
मंगलवार सुबह राजेंद्र सिंह अंबाला में एक मीटिंग के लिए जा रहे थे। रास्ते में बिलासपुर चौक के पास उन्हें भीषण जाम में फंसना पड़ा। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। उन्हें हार्ट अटैक आया और वह कार में ही तड़पने लगे। आसपास के लोग जब उनकी हालत बिगड़ते हुए देखी तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। लोगों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन जाम की वजह से एम्बुलेंस या कोई भी गाड़ी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाई।
जाम के कारण नहीं मिल पाई समय पर चिकित्सा मदद
राजेंद्र सिंह लगभग दो घंटे तक कार में ही दर्द से तड़पते रहे, लेकिन जाम की स्थिति ने उनकी जान बचाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया। अंततः उन्होंने अपनी कार की ड्राइविंग सीट पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जाम की स्थिति बनी मौत का कारण
इस क्षेत्र में फ्लाईओवर का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिसकी वजह से आए दिन जाम लगता रहता है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। इस घटना ने जाम की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता पैदा कर दी है। राजेंद्र सिंह के परिजनों ने बताया कि वह पहले से हार्ट की समस्या से पीड़ित थे और एक दिन पहले ही अपनी जांच करवा कर लौटे थे।
वहीं इस घटना ने जाम में फंसे लोगों के लिए समय पर चिकित्सा सहायता की उपलब्धता की अहमियत को उजागर किया है। सड़क पर किसी की मौत हो जाना कोई छोटी बात नहीं है और यह घटना भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए उचित प्रबंधन की जरूरत पर जोर देती है।
