दुनियाभर में फैल रहे मंकीपॉक्स वायरस ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। यह वायरस जिसे एमपॉक्स वायरस भी कहा जाता है, हेल्थ एजेंसियों द्वारा ग्रेड 3 इमरजेंसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसका मतलब है कि इस वायरस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
क्या है Mpox वायरस
एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है। इस वायरस का संबंध ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस से है, जिसमें चेचक, काउपॉक्स और वैक्सीनिया जैसी बीमारियां भी शामिल हैं। यह वायरस पहली बार 1958 में पहचाना गया था जब बंदरों में इसके प्रकोप की पहचान की गई। इसी वजह से इसे मंकीपॉक्स कहा गया। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है।
2022 में Mpox वायरस का उभार
एमपॉक्स वायरस का पहला बड़ा प्रकोप 2022 में देखा गया और तब से इसका विस्तार 116 से अधिक देशों में हो चुका है। अफ्रीका के कुछ देशों और स्वीडन के बाद अब पाकिस्तान में भी इस वायरस का मामला सामने आया है। अफ्रीका में इस साल करीब 14,000 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 524 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संक्रमण के प्रति लोगों की बढ़ती चिंता स्वाभाविक है, लेकिन इसमें एक राहत की खबर भी है।
चिकनपॉक्स वैक्सीन वाले रहें निश्चिंत
एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों को छोटी चेचक यानी चिकनपॉक्स हो चुका है या जिन्होंने इससे संबंधित वैक्सीन ली है, उनमें एमपॉक्स का खतरा न के बराबर होता है। चिकनपॉक्स का टीका मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है क्योंकि दोनों बीमारियों का वायरस एक ही परिवार से संबंधित है। इस कारण जिन लोगों ने चिकनपॉक्स का टीका लिया है, वे इस वायरस से काफी हद तक सुरक्षित माने जा रहे हैं।
मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स वायरस के सामान्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, और त्वचा पर दाने या फुंसियां शामिल हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसमें संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क या उसके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। इस वायरस के लक्षण 2 से 4 हफ्तों तक रह सकते हैं। खासकर बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है।
भारत के लिए क्या है सलाह
हालांकि भारत में अब तक मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इस समय अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करना बेहद जरूरी है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़-भाड़ से बचना इस संक्रमण से बचने के जरूरी उपाय हैं।
