अगर आप भी मिठाई खाने के बहुत ज्यादा शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं। दरअसल हाल ही में न्यूजीलैंड में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक चैरिटी द्वारा वितरित की गई मिठाइयों में खतरनाक मात्रा में नार्कटिक ड्रग्स पाया गया है। ऑकलैंड सिटी मिशन जो कि एक गरीबी उन्मूलन चैरिटी है, ने हाल ही में अनानास की मिठाइयां बांटी थी। इन मिठाइयों में मेथामफेटामाइन नामक एक बेहद नशीला और अवैध पदार्थ पाया गया। पुलिस और न्यूजीलैंड ड्रग फाउंडेशन ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस घटना ने न्यूजीलैंड में हड़कंप मचा दिया है, और लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और ऐसी किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छूने की अपील की है।
क्या है पूरा मामला
ऑकलैंड सिटी मिशन ने बताया कि इन मिठाइयों का एक बैच सीलबंद पैकेज में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दान किया गया था। इसे खाद्य पार्सल के रूप में गरीब लोगों में बांटा गया था। लेकिन जब एक व्यक्ति ने इस मिठाई का सेवन किया तो उसे अजीब महसूस हुआ और उसका स्वाद भी कड़वा लगा। इसके बाद इसकी जांच की गई, जिसमें पाया गया कि मिठाइयों में तीन ग्राम मेथामफेटामाइन था, जो कि एक सामान्य खुराक से सैकड़ों गुना अधिक है।
मेथामफेटामाइन से जा सकती है जान
ड्रग फाउंडेशन की प्रवक्ता सारा हेल्म ने बताया कि इतनी ज्यादा मात्रा में मेथामफेटामाइन का सेवन करना बेहद खतरनाक है और इससे मौत भी हो सकती है। उन्होंने ऑकलैंड सिटी मिशन से मिठाइयां प्राप्त करने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे इनका सेवन न करें और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
चैरिटी का मानना है कि 400 लोगों को यह मिठाइयां मिली है। हालांकि अब तक केवल आठ परिवार ही प्रभावित हुए हैं और सौभाग्य से किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। एक मामले में एक माता-पिता ने अपने बच्चे को यह मिठाई दी थी, लेकिन बच्चे ने तुरंत इसे थूक दिया। इससे पता चलता है कि मिठाइयों का स्वाद बेहद तीखा और घिनौना था।
ड्रग फाउंडेशन ने दी चेतावनी
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इसे प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है। ड्रग फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि मेथामफेटामाइन का सेवन सीने में दर्द, दिल की धड़कन तेज होना, दौरे और चेतना की हानि का कारण बन सकता है। हेल्म ने कहा कि ड्रग तस्करों के लिए नशीले पदार्थों को खाद्य पदार्थों में छिपाना आम बात है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि इस मामले में जानबूझकर किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा था या नहीं।
