गुजरात के अहमदाबाद में स्थित सिविल अस्पताल में 160वां अंगदान हुआ है। गुप्त दान के तौर पर किए गए 160वें अंगदान की बात करें इस अस्पताल में अभी तक हुए अंगदानों में ज्यादा अंगदान मुस्लिम समुदाय के लोगों की ओर से किए गए हैं। यह तीसरा अंगदान है जिसमें दो किडनी और एक लिवर का दान दिया गया है। अहमदाबाद में रहने वाले एक 50 वर्षीय मुस्लिम वयस्क का अंगदान किया गया है। एक दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट आने की वजह से उनके इलाज के लिए उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ले जाया गया था, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मरीज को ब्रेन डेड ही घोषित कर दिया था। ब्रेन डेड हो चुके मरीज के पेरेंट्स को अंगदान के बारे में इसकी जानकारी भी दी गई थी जिसके बाद मुस्लिम समाज के परिवार ने ब्रेन डेड मरीज के गुप्त अंगदान को सहमति दी और अंगदान की प्रक्रिया शुरु की गई।

पहले भी हुए हैं अंगदान

इससे पहले अहमदाबाद में 159 अंगदान हो चुके थे, जिसमें मुस्लिम समुदाय की ओर से अब तक दो अंगदान किए गए थे। हालांकि, सरकार के साथ-साथ सभी सामाजिक समुदायों के अगुवायियों के प्रयासों से समाज के सभी वर्गों में अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ी है, जिसकी वजह से अहमदाबाद सिविल अस्पताल में हुआ यह 160वां अंगदान मुस्लिम समुदाय की तरफ से होने वाला तीसरा अंगदान था।

मुस्लिम समुदाय की ओर से तीसरा अंगदान

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर राकेश जोशी ने कहा कि सिविल अस्पताल में मुस्लिम समुदाय की ओर से यह तीसरा अंगदान है। यह अंगदान बहुत ही विशेष रहा, अंगदान के समय की जा रही प्रार्थना के दौरान एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, एक तरफ डॉक्टरों की टीम हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही थी तो दूसरी ओर मुस्लिम परिजन कलमा पढ़ रहे थे। ब्रेन डेड 50 साल मुस्लिम वयस्क के गुप्त अंगदान से प्राप्त हुई दो किडनी और एक लीवर को सिविल परिसर में स्थित किडनी अस्पताल के जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

इस बारे में अंगदान और इसके महत्व को अब समाज के सभी वर्गों, धर्मों और सभी क्षेत्रों के लोगों द्वारा स्वीकृति भी मिल रही है। इसके कारण अंगदान की समझ सभी समुदायों में स्वीकार होती जा रही है। इस अंगदान के साथ, सिविल अस्पताल को अब तक 160 अंगदाताओं से कुल 517 अंग प्राप्त हुए हैं, जिसके माध्यम से 501 व्यक्तियों को नया जीवन मिला है।

By tnm

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