हाल ही में नागपुर नगर निगम (एनएमसी) के स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और चिकनगुनिया के प्रसार को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बता दें कि विभाग ने पूरे शहर में बुखार के रोगियों का सर्वेक्षण शुरू किया है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य इन बीमारियों के मच्छरों के लार्वा की पहचान और उसे नष्ट करना है, ताकि इन बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके।
सर्वे में क्या पाया गया
आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्य के लिए आशा स्वयंसेवकों की मदद ली है, जिन्होंने अब तक 32,121 घरों का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के दौरान 4,557 घरों में डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। इन लार्वा के स्रोतों में 1,254 कूलर, 147 टायर, 900 बर्तन, 492 ड्रम, 160 मिट्टी के बर्तन, 1,337 पक्षी और जानवरों के बर्तन और 267 अन्य सामान शामिल थे। ये आंकड़े शहर में इन बीमारियों के प्रसार की गंभीरता को दर्शाते हैं और इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
समीक्षा के लिए आयुक्त अंचल गोयल ने किया दौरा
सर्वेक्षण प्रक्रिया की समीक्षा के लिए अतिरिक्त आयुक्त अंचल गोयल ने केटी नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम के साथ धरमपेठ क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण दल में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर, अतिरिक्त चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय जोशी, और क्षेत्रीय चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वर्षा देवस्थले शामिल थे। उन्होंने घर-घर जाकर निरीक्षण किया और मच्छरों के लार्वा के स्रोतों की जांच की।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से किया अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखें और पानी जमा न होने दें। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि लोग मच्छरों के काटने से बचने के लिए उचित सावधानी बरतें, जैसे मच्छरदानी का उपयोग, पूर्ण आस्तीन के कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करना।
एनएमसी ने शुरू किया ये अभियान
एनएमसी ने मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। विभाग का उद्देश्य न केवल लार्वा नष्ट करना है, बल्कि नागरिकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे इन बीमारियों के लक्षणों को पहचान सकें और समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें। इस अभियान में लोगों को जानकारी देने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जैसे पर्चे, पोस्टर, और सोशल मीडिया। वहीं एनएमसी का यह कदम इन बीमारियों से शहर के निवासियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इससे आगे भी इसी तरह की पहल की उम्मीद की जा सकती है।
