दुनिया में कई दुर्लभ बीमारियां होती हैं, जिनके बारे में सुनकर ही रूह कांप जाती है। ऐसा ही एक दुर्लभ मामला एक नवजात शिशु उज्जियाह बोमन का है, जो एपिडर्मोलिसिस बुलोसा (ईबी) नामक दुर्लभ त्वचा रोग के साथ पैदा हुआ है। इस रोग के कारण उसकी त्वचा इतनी नाजुक है कि उसे तितली के पंखों से तुलना की जा रही है। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि उसकी मां जेड और पिता ली उसे गोद में तक नहीं उठा सकते, क्योंकि हल्की सी भी हलचल से उसकी त्वचा पर फफोले पड़ सकते हैं।
क्या है एपिडर्मोलिसिस बुलोसा
ईबी एक दुर्लभ और गंभीर त्वचा रोग है, जिसमें त्वचा की दो परतों के बीच का प्रोटीन गायब होता है। स्वस्थ त्वचा में यह प्रोटीन दो परतों को एक साथ रखता है, लेकिन ईबी से पीड़ित लोगों में इस प्रोटीन की कमी होती है। इससे त्वचा पर मामूली रगड़ से भी घाव और फफोले हो जाते हैं। इस स्थिति के कारण मुंह और आंखें भी विशेष रूप से प्रभावित हो सकती हैं। गर्मी से यह समस्या और बढ़ जाती है।
डॉक्टर भी नहीं कर पा रहे ऑपरेशन
उज्जियाह की उम्र केवल एक सप्ताह से थोड़ा अधिक है, लेकिन इस बीमारी ने उसे इतना कमजोर बना दिया है कि डॉक्टर भी उसके इलाज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं। डॉक्टर उसकी स्थिति को स्थिर करने के लिए कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसकी नाजुक त्वचा और गंभीर हालत के कारण ऑपरेशन करना संभव नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों ने उसके जीने के लिए केवल कुछ महीने ही बताए हैं, जिससे उसके माता-पिता ली और जेड बेहद चिंतित और दुखी हैं।
उज्जियाह के माता-पिता ने अन्य लोगों से मांगी मदद
उज्जियाह के माता-पिता ने इस दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे अन्य बच्चों के माता-पिता से सहायता और मार्गदर्शन की उम्मीद जताई है। फिलहाल इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उसकी त्वचा ऑपरेशन का सामना नहीं कर पाएगी।
