बीते कुछ सालों में कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में कितना आतंक मचाया हुआ था ये तो हम सब जानते हैं। हालांकि अभी भी कोरोना पूरी तरह से थमा नहीं है। ऐसे में एक नए शोध ने ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल एक नई स्टडी के मुताबिक कोविड-19 महामारी अभी भी ऑस्ट्रेलिया की औसत मृत्यु दर को बढ़ा रही है। वहीं इसका असर आने वाले कई सालों तक महसूस किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई एक्चुअरीज इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए स्टडी में पाया गया कि 2023 में होने वाली अपेक्षा से पांच प्रतिशत अधिक लोगों की मृत्यु हुई जो 8,400 अतिरिक्त मौतों के बराबर है।
कोविड-19 के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव
शोधकर्ताओं ने स्टडी में कोविड-19 के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष परिणामों के कारण मरने वाले लोगों की संख्या को मापा। उन्होंने पाया कि अतिरिक्त मृत्यु दर अभी भी महामारी से पहले के स्तर से अधिक है। 2023 में लगभग 4,600 मौतों का सीधा कारण कोविड-19 था, जो पिछले साल मृत्यु का नौवां प्रमुख कारण बना।
उच्च आयु वर्ग पर असर
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि गैर-कोविड-19 अतिरिक्त मौतें 75 वर्ष से अधिक उम्र के ऑस्ट्रेलियाई लोगों में विशेष रूप से स्पष्ट थीं। यह पिछले संक्रमणों और कोविड-19 से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावटों के कारण था, जिसके परिणामस्वरूप हृदय रोग, स्ट्रोक, डायबिटीज और मनोभ्रंश से संबंधित जोखिम बढ़ गए थे।
स्वास्थ्य सेवाओं में देरी और निदान की कमी
स्टडी में नियमित या आपातकालीन देखभाल में देरी और कोविड-19 का निदान न होना सामान्य से अधिक मृत्यु दर के संभावित कारणों के रूप में उजागर किया गया। शोदकर्ताओं के मुताबिक कई लोगों को समय पर मेडिकल सेवाएं नहीं मिल पाईं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई और मृत्यु दर बढ़ गई।
2023 में सुधार के संकेत
फिर भी शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि 2023 में अतिरिक्त मृत्यु दर 2022 की तुलना में कम थी। एक्चुअरी इंस्टीट्यूट की प्रवक्ता करेन कटर ने कहा कि यह उत्साहजनक है कि प्रत्येक क्रमिक कोविड-19 लहर में अब तक पिछली लहर की तुलना में कम मौतें हुई हैं।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि करेन कटर ने आगाह किया कि कोविड-19 का दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी महसूस किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और महामारी की बेहतर तैयारी महत्वपूर्ण हैं ताकि भविष्य में इस तरह की उच्च मृत्यु दर से बचा जा सके।
