आज कल के लाइफस्टाइल ओ देखते हुए बहुत से लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का जयादा ख्याल रखने की जरूरत है। वहीँ अगर आपके हाथ पैरों की नसे बाहर की तरफ उभरी हुई हैं तो वो भी डायबिटीज के बढ़ने का एक करना होता है। ऐसे स्थिति में पैंक्रियाज से इंसुलिन हार्मोन कम बनता है या बनता ही नहीं है या इंसुलिन रेजिस्ट हो जाता है। चूंकि इंसुलिन ही शुगर को पचाता है और इससे एनर्जी बनती है। इसलिए जब इंसुलिन की कमी होती है तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। यह ऐसी बीमारी है जिसमें शुरुआत में बिल्कुल भी पता नहीं चलता। वहीँ यदि ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर होने पर शरीर की नसों को भी डैमेज करने लगता है। बता दें इस बीमारी को डायबेटिक न्यूरोपैथी कहा जाता। इसमें मरीज के शरीर के किसी भी हिस्से में नर्व डैमेज होने की सम्भावना बढ़ जाती है।ऐसे में डॉक्टर ध्यान रखने की सलहा देते हैं।

नर्व डैमेज से पहले शरीर में मिलने लगते हैं ऐसे संकेत

एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायबेटिक न्यूरोपैथी के लक्षण सबसे पहले हाथ और पैर की नसों में देखने को मिलते हैं। इस कारण हाथ और पैर पहले से सुन्न होने लगते हैं। वहीँ सबसे पहले हाथ में सुन्नापन आता है। हाई ब्लड शुगर के कारण खून की छोटी-छोटी नलिकाओं की दीवार कमजोर होने लगती है। इसलिए इसके कहीं भी रिसने का डर रहता है। जिससे ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों का अंगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

इस तरह से रखने ध्यान

 फिजिकल एक्टिविटी जरुरी है

एक्सपर्ट कहते हैं कि सबसे पहले हर वयस्क इंसान को नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए। एक्सरसाइज के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए ब्रिस्क एक्सरसाइज ही काफी होती है। तेजी के साथ वॉक, साइक्लिंग, स्विमिंग, डांस, रस्सी कूद, हाई जंप, लॉन्ग जंप जैसी गतिविधियां यदि आप आधे से पौन घंटे तक करते हैं तो डायबिटीज होने की आशंका कम हो सकती है। इतना ही नहीं इससे कई और बीमारियां भी नहीं होंगी।

हेल्दी डाइट लें

बता दें शुगर से बचने के लिए पिज्जा, बर्गर, तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड, जंक फूड, पैकेटबंद चीजें, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, ज्यादा मीठी चीजें, ज्यादा नमकीन चीजें, शराब, सिगरेट का सेवन कम करें। वहीँ डाइट में हेल्दी भोजन को शामिल आकरे। जिस भोजन को शुद्ध रूप से कुदरती तरीके से पकाया गया हो और इसमें तेल, नमक का कम इस्तेमाल किया गया हो। जितना हो सके, सीजनल हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, एंटीऑक्सीडेंट्स वाले कलरफुल सब्जी और फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए।

पर्याप्त पानी पियें

रोजना पर्याप्त पानी पीना न सिर्फ आपको डायबिटीज से बचा सकता है बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचा सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त पानी पीएं। हालांकि कितना पानी पीया जाए इसका कोई तय पैमाना नहीं है लेकिन आप दिन भर में दो लीटर पानी पीने की कोशिश करें।

वजन कम करें

डायबिटीज न हो, इसके लिए हर हाल में वजन कम करना जरुरी है। मोटापा के कारण डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा वजन कई बीमारियों की जड़ बनता है। ऐसे वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करें।

 सिगरेट-शराब का सेवन से दूर रहें

सिगरेट, शराब न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई घातक बीमारियों को बढ़ाता है। इसलिए जितना संभव हो सके अल्कोहल का सेवन न करें।

स्ट्रैस मैनेजमेंट

तनाव शरीर में 1600 से ज्यादा केमिकल रिएक्शन को प्रभावित करता है। ऐसे में तनाव वाला कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा रिलीज होने लगता है तो यह मेटाबोलिज्म को इफ़ेक्ट करता है। इसलिए तनाव को भगाने के लिए योगा, मेडिटेशन, वॉकिंग, रनिंग आदि का सहारा ले सकते हैं।

पर्याप्त नींद है जरुरी

हर तरह की बीमारी से बचने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। यदि रात में सुकून भरी नींद नहीं आएगी तो कई तरह की मुश्किलें पैदा होती हैं। वहीँ नींद कम आने के कारण डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

By tnm

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