अभी कोरोना का कहर खत्म नहीं है कि नये नये वायरस सामने आ रहे है। जो लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। साथ ही इन वायरस के कारण लोगों की जान जा रही है। दरअसल एक नया वायरस सामने आया है जिसे हंता वायरस कहा जा रहा है। ये वायरस चूहों से फैलने वाला वायरस है। वहीँ अमेरिका में चूहों से फैलने वाला हंता वायरस ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मौत का कारण बन रहा है ये वायरस
आपको बता दें एक जनवरी से एक जुलाई के बीच हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम सात लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इसके कारण एरिजोना में तीन मौतें दर्ज हुई हुई हैं। एरिजोना में हंता वायरस से तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए ये चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। HPS एक गंभीर श्वसन रोग है। ऐसे में जानना जरूरी कि ये कैसे फैलता है।
हंता वायरस कसी फैलता है
आपको बता दें यह वायरस मुख्य रूप से ग्रैंड कैन्यन राज्य में पाए जाने वाले हिरण चूहों से फैलता है। इसके लक्षणों में
बुखार
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
सांस लेने में तकलीफ लेना
आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। लेकिन यह किसी खास क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इस वजह से ये वायरस खतरनाक साबित हो रहा है।
वहीँ रीनल सिंड्रोम (HFRS) के साथ रक्तस्रावी बुखार के लक्षण 1-8 सप्ताह के बाद दिखाई देते हैं, जिससे सिरदर्द, दर्द, बुखार, ठंड लगना, मतली और धुंधली दृष्टि होती है। गंभीर मामलों में लो ब्लड प्रेशर और किडनी फेलियर की दिक्कत हो सकती है।
हंता वायरस का इलाज कैसे होता है
आपको बता दें हंता वायरस से बचाव के लिए कोई विशिष्ट उपचार, इलाज या टीका मौजूद नहीं है। हालांकि अगर संक्रमितों की पहचान समय पर हो जाती है तो व्यक्ति के ठीक होने के चाच्नेस रहते हैं। स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को इंटुबैट किया जाता है और गंभीर श्वसन संकट की अवधि में उनकी मदद करने के लिए ऑक्सीजन थेरेपी का यूज़ किया जाता है।
इंफेक्शन होने पर क्या करें
हंता वायरस में मृत्यु दर 38 प्रतिशत होती है और इस बीमारी का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक्त लग सकता है। HPS का एक परिवार है जो मुख्य रूप से कृन्तकों द्वारा फैलता है और दुनिया भर में लोगों में विभिन्न रोग सिंड्रोम का कारण बन सकता है।
