आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में शिशु संरक्षण माह के तहत 6 महीने से 5 साल तक के 24,432 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान 19 जुलाई से शुरू होकर 23 अगस्त तक चलेगा। इस अवधि में हर मंगलवार और शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को टीकाकरण और पोषण आहार देने की योजना है। इस अभियान में शामिल मेडिकल स्टाफ नदी-नाले को पार कर गांवों तक पहुंच रहे हैं, जिसका एक फोटो हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है।
महिला स्वास्थ्य कर्मी रत्ना सिंह की सराहनीय सेवा

ग्राम पंचायत मुगुम की महिला स्वास्थ्य कर्मी रत्ना सिंह की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वह नाले को पार करते हुए दिखाई दे रही हैं। तस्वीर में रत्ना सिंह एक हाथ में डंडा पकड़े हुए हैं, जिससे नाले में पानी की गहराई नाप रही हैं। दूसरे हाथ में सैंडल और कंधे में वैक्सीन बॉक्स लटका हुआ है। इस कठिन परिस्थिति में भी वह बच्चों को टीका लगाने के लिए पूरी मेहनत से जुटी हैं। उनके साथ आरएचओ उदयान सिंह भी इस टीम में शामिल हैं।
नेटवर्क की समस्या
ग्राम कांसाबहरा में नेटवर्क नहीं होने के कारण यू विन मी लॉगिन नहीं हो पाता है। इसलिए बारी सब हेल्थ सेंटर से लॉगिन करने के बाद कांसाबहरा से लौटने पर सब हेल्थ सेंटर में एंट्री की जाती है। यह स्थिति दर्शाती है कि टीकाकरण स्टाफ कितनी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
आयुष्मान कार्ड भी बनाए
बता दें कि टीकाकरण के दौरान मेडिकल स्टाफ ने पांच ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए। वहीं हेल्थ कर्मचारियों के लिए गांवों में कच्चे और पथरीले रास्तों से होकर गांव पहुंचना बहुत ही चुनौतीपूर्ण होता है। इन गांवों में नियमित सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी उपलब्धि है।
शिशु संरक्षण माह का महत्व
जिला के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि शिशु संरक्षण माह बहुत ही जिम्मेदारी पूर्वक मनाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से बच्चों को पोषण आहार और गरम भोजन दिया जाए। इसके तहत बच्चों में होने वाले आंख संबंधी रोग जैसे मोतियाबिंद, रतौंधी, बिटॉट स्पॉट, और खून की कमी को दूर करना है। इसके लिए विटामिन ए सिरप और आयरन फोलिक एसिड सिरप बच्चों को दी जाएगी।
पोषण स्तर की जांच
इस योजना के दौरान बच्चों के पोषण स्तर की जांच के लिए उनका वजन लिया जाएगा और पोषण आहार के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती किया जाएगा। गर्भवती माताओं की जांच कर स्तनपान और पोषण आहार के विषय पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं इस शिशु संरक्षण माह के दौरान कोरिया जिले में मेडिकल स्टाफ की कड़ी मेहनत और सेवा की सराहना हो रही है। नदी-नाले पार कर गांवों में टीकाकरण अभियान को सफल बनाना एक प्रशंसनीय कार्य है, जो अन्य क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणा है।
