अगर आपको भी बहुत ज्यादा पसीना आता है तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल हाल ही में फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हाइपरहाइड्रोसिस के इलाज के लिए सोफड्रा जेल को मंजूरी दे दी है जो व्यक्तियों को बगलों में अत्यधिक पसीने से राहत देने के लिए विकसित किया गया है। साथ ही FDA ने बताया कि अब ये दवा जल्द ही पूरे देश में उपलबद्ध होगी। बता दें कि हाइपरहाइड्रोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें बहुत ज़्यादा पसीना हाथ-पांव, बगल और चेहरे पर आता है जो आम तौर पर शरीर के तापमान या कसरत करने से जुड़ा नहीं होता है।
क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा को लेकर क्या पाया गया
बता दें कि क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा से हाइपरहाइड्रोसिस मरीजों में 50 से 60 प्रतिशत तक पसीने का उत्पादन कम हुआ है। दरअसल यह दवा पसीने की ग्रंथियों को उत्तेजित करने के लिए जिम्मेदार न्यूरोट्रांसमीट को डीएक्टिवेट करता है, जिससे बॉडी में पसीना कम आता है। वहीं सोफ्ड्रा दवा का साइड इफेक्ट अन्य दवाओं की तुलना काफी कम है। हालांकि सोफड्रा को एफडीए की मंजूरी तब मिली जब प्राथमिक हाइपरहाइड्रोसिस के 701 रोगियों पर इसके सफल परिणाम देखे गए।
FDA की मंजूरी मिलने के बाद विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि सोफड्रा का प्रयोग अत्यधिक पसीने से जूझ रहे लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
हाइपरहाइड्रोसिस को कैसे पहचाने
अकारण ही बहुत ज्यादा पसीना आना
पसीना आने से डेली का काम प्रभावती होना
स्किन का नरम होना और छील जाना
पसीने की वजह से बार-बार इन्फेक्शन होना
