मेडिकल के क्षेत्र में अब एक और इतिहास रचने वाला है। बता दें जल्दी ही दुबई के ‘बुर्ज अल अरब’ पर होम्योपैथ चिकित्सा जगत का साक्षी बन जायगा। दरअसल उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जो अपने समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब चिकित्सा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार उत्तर प्रदेश के होम्योपैथी चिकित्सकों का योगदान दुबई के बुर्ज अल अरब में आयोजित होम्योपैथी के महाकुंभ में देखा जाएगा।
14 जुलाई को लगेगा होम्योपैथ का मंच
बता दें 14 जुलाई को होम्योपैथ चिकित्सा जगत लिए बेहद खास साबित होने वाला है। इस दिन देश-विदेश के कई नामचीन होम्योपैथ चिकित्सक मंच साझा करेंगे। इसी के साथ विश्व का पहला सेवन स्टार होटल दुबई का ‘बुर्ज अल अरब’ भी होम्योपैथ चिकित्सा जगत का साक्षी बनने वाला है। पिछले समिट में कवि कुमार विश्वास ने कहा था कि आने वाले 20 साल बाद भारतीय चिकित्सा पद्धति के इतिहास में होम्योपैथी चिकित्सा का अलग मुकाम होगा।
बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड का रहा है आयोजन
इस समिट-2 का आयोजन बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। जिसमें भारत के कई राज्यों के अलावा 25 से ज्यादा देशों से पहुंचे होम्योपैथिक चिकित्सकों को ‘प्राइड ऑफ होम्योपैथी’ अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
कई नामचीन स्टार होंगे शामिल
इस विशेष आयोजन में कुमार विश्वास, फिल्मी जगत के स्टार अनुपम खेर, गायक कैलाश खेर, सांसद सह फिल्म कलाकार रवि किशन जैसी हस्तियों के साथ खेल जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी। जिनमे इस समिट में पूर्व क्रिकेटर क्रिस गेल और सनथ जयसूर्या भी शामिल होने वाले हैं। उनका कहना है कि 14 जुलाई के दिन का उन्हें बेसब्री से इंतजार है, जब उन्हें होम्योपैथचिकित्सा पद्धति से जुड़े देश—विदेश के नामचीन चिकित्सकों से मिलने का मौका मिलेगा।
क्या कहना है डॉ. नीतीश दुबे का
बता दें पिछले समिट में कुमार विश्वास ने ऐसे आयोजन का श्रेय बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड के एमडी डॉ. नीतीश चंद्र दुबे को दिया था। डॉ. नीतीश दुबे कहते हैं कि होम्योपैथी भारत का अध्यात्म और जर्मन का विज्ञान है। जो देश की अबतक की सबसे बड़ी होम्योपैथिक स्टार्टप कम्पनी ‘बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड’ की नींव बिहार के मुंगेर जिले के कल्याणपुर गांव के रहने वाले डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने रखी है।
जॉब प्राप्त करना आपकी सोच से भी आसान हो सकता है
बताते चले की दुनिया के पहले फर्स्ट वर्ल्ड होम्योपैथी समिट का आयोजन करने का श्रेय भी डॉक्टर नीतीश को जाता है, डॉक्टर नीतीश यूनाइटेड नेशन की हेल्थ एसेंबली, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन तथा ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी सम्मानित हो चुके हैं।
