हाल ही में संसद भवन में तीन नए कानूनों को पास कर दिया गया है। इस दौरान सदन में खूब बहस देखने को भी मिली थी। बता दें  भाजपा ने राहुल गांधी पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के भाषण का जवाब पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने अंदाज में दिया। इसी दौरान लेखिका और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने भी महिलाओं की हेल्थ को लेकर भाषण दिया। सुधा मूर्ति का राज्यसभा में यह पहला भाषण था। जो चर्चा का विषय बन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस भाषण की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की। वहीँ सुधा ने अपने पिता का हवाला देते हुए कहा कि जब एक मां की मृत्यु होती है तो उसे अस्पताल में एक ही मौत माना जाता है, लेकिन परिवार के लिए मां हमेशा के लिए खो जाती है।

प्रधानमंत्री ने सुधा मूर्ति के भाषण की प्रशंसा की

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ने सुधा मूर्ति का महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से बोलने के लिए धन्यवाद किया। वहीँ pm मोदी ने सुश्री मूर्ति की “भावनात्मक” टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में ध्यान केंद्रित किया है।

सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए गये  

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले सप्ताह संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि हमारे देश की महिलाओं को हमारे द्वारा बनाए गए शौचालयों से काफी लाभ हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड भी उपलब्ध कराए हैं। गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।

सुधा मूर्ति का पहला भाषण हुआ वायरल

https://twitter.com/Ravisutanjani/status/1808193297518579977

बता दें सुधा मूर्ति ने गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर से निपटने के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित टीकाकरण कार्यक्रम पर जोर देते हुए भाषण दिया। उन्होंने राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कहा कि 9 से 14 वर्ष की आयु वाली लड़कियों को एक टीका लगाया जाता है, जिसे सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण के नाम से जाना जाता है। यदि लड़कियां इसे लगवा लें, तो इस कैंसर से बचा जा सकता है। वहीँ उन्होंने ये भी कहा कि हमें लड़कियों के लाभ के लिए टीकाकरण को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि रोकथाम इलाज से बेहतर है।

सरकार की तरफ से चलाया गया टीकाकरण अभियान उन्होंने कहा कि सरकार की ताफ से कोविड के दौरान एक बहुत बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इसलिए 9-14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा का टीकाकरण प्रदान करना बहुत मुश्किल नहीं होगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उच्च सदन के लिए नामित की गईं सुश्री मूर्ति ने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा का टीकाकरण पश्चिम में विकसित किया गया है और पिछले 20 वर्षों से इसका प्रयोग किया जा रहा है।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *