एक तरफ जहां कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ वहीं वैज्ञानिकों ने इस गर्मी में अब एक और कोरोना लहर के आने की आशंका जताई है। ऐसे में दुनियाभर में एक्सपर्ट्स इससे निपटने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल हाल ही में डबल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में यूके और अमेरिका में कोविड-19 मामलों में तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को चेतावनी जारी किया है।
यूके में बढ़ रहा तेजी से कोविड-19 के मामले
बता दें कि यूके में कोविड-19 के मामलों में काफी तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस उछाल के लिए जिम्मेदार प्रमुख स्ट्रेन के रूप में डेल्टा वैरिएंट (B.1.617.2) की पहचान की है। भारत में पहली बार पहचाने गए इस वैरिएंट को पिछले स्ट्रेन की तुलना में अधिक संक्रामक माना जा रहा है, जिसने यूके के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से फैलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे हेल्थकेयर सिस्टम पर दबाव के बारे में चिंता बढ़ गई है क्योंकि वे बढ़ती रोगी संख्या से निपट रहे हैं।
अमेरिका में बढ़े कोरोना के मामले
वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका में कोविड-19 मामलों में फिर से उछाल देखा जा रहा है, खासकर कम टीकाकरण दर वाले क्षेत्रों में। मिसौरी, अर्कांसस और नेवादा जैसे राज्यों ने संक्रमण में उल्लेखनीय वृद्धि की सूचना मिली है। यहां भी स्वास्थ्य अधिकारी ने इस उछाल का श्रेय डेल्टा वैरिएंट को देते हैं, जो बिना टीकाकरण वाली आबादी में फैल रहा है। इस वैरिएंट के तेजी से फैलने की क्षमता के कारण मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है और अस्पतालों पर दबाव बढ़ा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां टीकाकरण की दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
85 वर्ष से अधिक आयु के लोग संक्रमित
UKHSA के नए आंकड़ों के मुताबिक बीते रविवार को सप्ताह में अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या 24 प्रतिशत बढ़ी, जो प्रति 100,000 पर 2.67 लोगों से बढ़कर प्रति 100,000 पर 3.31 हो गई है। वहीं जिन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई उनकी उम्र 85 वर्ष से अधिक है जो थोड़े अंतराल के बाद बढ़कर 34.70 प्रति 100,000 हो गई है। हालांकि, 65 से 74 वर्ष की आयु के लोगों, 75 से 84 वर्ष की आयु के लोगों और अधिकांश युवा आयु समूहों में भी वृद्धि हुई है।
क्या है डेल्टा वैरिएंट
डेल्टा वैरिएंट SARS-CoV-2 का एक वेरिएंट था, जो वायरस COVID-19 का कारण बनता है। यह पहली बार 5 अक्टूबर 2020 को भारत में पाया गया था। वहीं इसे B.1.617.2 के नाम से भी जाना जाता है जो सबसे अधिक चिंताजनक वेरिएंट में से एक है।
डेल्टा वैरिएंट के लक्षण क्या है
बुखार आना
गले में खराश महसूस होना
सर्दी-जुखाम होना
नाक से पानी आना
शरीर में दर्द, बेचैनी होना
जोड़ों में दर्द और सिरदर्द महसूस होना
मतली और उल्टी आना
थकावट होना
आंखों में दर्द होना
इस डेल्टा वैरिएंट से बचने के उपाय
मास्क का यूज करें
खाँसते हुए मुंह को किसी कपड़े ढक लें
साफ-सफाई का ध्यान रखें
हाथों को समय -समय परसाफ करने के लिए साबुन या सैनिटाइजर का यूज करें
