वेस्ट नाइल वायरस एक प्रकार का जीवाणु है जो मच्छरों के काटने से फैलता है, जो इंसानों को गंभीर रूप से बीमार करने की वजह बनता है। इस वायरस का खतरा विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में बढ़ता है, और हाल ही में इजराइल में इसकी रिपोर्टेड मामलों की संख्या में वृद्धि हो रही है। बता दें कि इजराइल में अभी तक वेस्ट नाइल डिजीज के मामलों की संख्या 48 हो गई है, जोकि सभी पेशेंट अस्पताल में भर्ती हैं और 5 की हालत गंभीर हैं।
इजराइल एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एंड हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक वेस्ट नाइल वायरस से संक्रमित पहले मामले की पुष्टि बेन ग्यूरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया गया था। वहीं भारत के केरल राज्य में पहली बार मई 2024 में वेस्ट नाइल वायरस से एक व्यक्ति की जान चली गई, और इस वायरस के 6 अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए इस बीमारी के लक्षण के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। चलिए इसके बारे में जानते हैं।
भारत में वेस्ट नाइल वायरस की आशंका
भारत में भी मॉस्किटो-बोर्न रोगों के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें वेस्ट नाइल वायरस का खतरा भी शामिल है। विशेषकर गर्मियों में, जब मच्छर विकसित होते हैं और रोग प्रसारित करने की क्षमता बढ़ाते हैं, इस वायरस के मामले भी बढ़ सकते हैं। लोकल हेल्थ अधिकारियों ने जनता को इस संक्रमण के जोखिम के बारे में जागरूक किया है और उचित सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
क्या होता है वेस्ट नाइल वायरस
वेस्ट नाइल वायरस मच्छरों से पैदा होने वाली एक बीमारी है। जिसे प्राथमिक रूप से अफ्रीका, यूरोप, और अब नॉर्थ अमेरिका में देखा गया है। इस वायरस का प्रमुख प्रजाति Culex मॉस्किटो द्वारा प्रसारित होता है, जो इंसानों के साथ-साथ पक्षियों, घोड़ों और अन्य जीवन्त जानवरों से भी संक्रमित हो सकते हैं।
यह वायरस आमतौर पर मच्छरों के व्यापारिक प्रजाति Culex pipiens और Culex tarsalis के माध्यम से फैलता है। जब एक व्यक्ति को मच्छर काटता है तो वह इस वायरस से संक्रमित होता है, जिससे उसके शरीर में इसके इम्यूनोप्रोटेक्टिव एंटीजन उत्पन्न होते हैं।
वेस्ट नाइल वायरस के लक्षण
बुखार होना
शरीर में दर्द महसूस होना
आँखों में दर्द में होना
सिर दर्द होना
सूजन और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ना
उल्टी और मतली होना
इम्यून सिस्टम कमजोर होना
थकावट और कमजोरी महसूस होना
इस संक्रमण से बचने के उपाय
वेस्ट नाइल वायरस एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो मॉस्किटो के काटने से फैल सकती है। इसके खिलाफ सख्ती से लड़ने के लिए, लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए उचित सावधानियां बरतनी चाहिए। वहीं जितना हो सके मच्छरों से बचे, फुल स्लीव कपड़े पहनें, इनसेक्ट रेपिलेंट यूज करें, आउटडोर एक्टीविटी अवॉयड करें, मच्छरदानी और कॉइल लगाएं।
इसके अलावा जानवरों के संपर्क में आते हैं तो सतर्क रहें, हेल्दी डाइट लें, स्ट्रीट फूड खाने से बचें और पानी उबालकर ही पिएं।इतना ही नहीं अपने आसपास की साफ-सफाई का ध्यान रखें और पानी जमा न होने दें।
