बीते दिनों केरल में तालाब में नहाने से 5 साल की बच्ची की मौत हो गई थी। इसकी वजह तालाब के पानी में मौजूद फ्री लिविंग अमीबा बताई गयी है। अब ऐसे में एक और बच्चे की स्विमिंग पूल में स्विमिंग करने के दौरान मौत का स्ममला सामने आया है। इसी को देखते हुए केरल स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है।

केरल स्वास्थ्य विभाग चिंता में

दरअसल स्विमिंग पूल के पानी की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर केरल स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है। पिछले दो महीनों में, नेगलेरिया फाउलेरी, जिसे आमतौर पर मस्तिष्क खाने वाला अमीबा कहा जाता है, जो अमीबिक मैनिंजाइटिस का कारण बनता है, ने स्विमिंग पूल के पानी के संपर्क में आने वाले दो बच्चों की जान ले ली। इसी तरह के संक्रमण के कारण एक और लड़का भी यहां के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।

जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग

बता दें की केरल के स्वास्थ्य कार्यकर्ता अब उन अन्य लोगों का पता लगा रहे हैं और उनका परीक्षण कर रहे हैं जो पानी के संपर्क में आए होंगे। अमीबिक मेनिन्जाइटिस, जिसे प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (पीएएम) के रूप में भी जाना जाता है स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुधा चंद्रन ने आगे के मामलों को रोकने के लिए जन जागरूकता और पानी के उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया। डॉ. चंद्रन सलाह देते हैं कि मनोरंजन के उद्देश्य से इस्तेमाल किए जाने वाले सभी पानी जैसे कि पूल, स्पा, गार्डन होज़, स्प्रिंकलर और वेडिंग पूल का उचित तरीके से उपचार और रखरखाव किया जाना चाहिए।

कण्ट्रोल करने के उपाय

बता दें भारी बारिश जारी रहने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने अमीबिक मेनिन्जाइटिस और  अन्य बीमारियों के लिए चेतावनी जारी की है। लोगों को स्थिर पानी में नहाने और जल निकायों में गोता लगाने से बचने की सलाह दी गई है। यह भी सिफारिश की गई है कि थीम पार्क और स्विमिंग पूल में पानी को ठीक से क्लोरीनयुक्त किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने लोगों से आग्रह किया कि अगर उन्हें लंबे समय तक बुखार, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक धड़कन, सीने में दर्द, अस्पष्ट भाषण, चेतना की हानि, थूक में खून या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो वे विशेषज्ञ उपचार लें।

आखिर अमीबिक मे मेनिन्जाइटिस के लक्षण

बुखार आना

सिर दर्द होना

उल्टी और मतली होना

दौरे पड़ना

यह अमीबा कैसे अपने संक्रमण फैलाता है

वहीं इस अमीबा से इंफेक्शन का खतरा तब होता है, जब गंदा पानी नाक के अंदर से दिमाग में घुस जाएं। दरअसल यह अमीबा ब्रेन सेल्स को खाने लगते हैं। साथ ही गंदे पानी में तैरने से भी यह अमीबा व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है। यह तालाब में ही नहीं बल्कि बहुत दिनों से जमे और गंदे पानी में भी पाए जाते हैं।  ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्चों को तालाब में नहाने से रोके और अपने आसपास लंबे समय तक पानी को जमा न होने दें।

By tnm

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