जालंधर: एन.एच.एस अस्पताल ने विश्व किडनी दिवस के अवसर पर अपनी डायलिसिस यूनिट में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को किडनी की सेहत के प्रति जागरूक करना और किडनी मरीजों की देखभाल में जुटी मेडिकल टीम के योगदान को सम्मान देना था। कार्यक्रम के दौरान यूनिट को आकर्षक तरीके से सजाया गया, जिससे मरीजों और स्टाफ के लिए एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल बना।
केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर की गई, जो किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अस्पताल के समर्पण का प्रतीक था। यह केक सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट और विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार शर्मा ने डायलिसिस टीम के साथ मिलकर काटा। डायलिसिस टीम रोजाना उपचार ले रहे मरीजों की देखभाल में अहम भूमिका निभाती है और उनकी सेवा के लिए विशेष रूप से सराहना की गई।
समय पर जांच और जागरूकता पर जोर
इस अवसर पर अस्पताल के सीनियर डॉक्टर और डायरेक्टर डॉ. शुभांग अग्रवाल और डॉ. संदीप गोयल भी मौजूद रहे। डॉ. शुभांग अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि विश्व किडनी दिवस लोगों को यह याद दिलाता है कि किडनी रोगों से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई किडनी बीमारियां बिना शुरुआती लक्षणों के धीरे-धीरे बढ़ती हैं, इसलिए समय पर जांच बहुत महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह
डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि किडनी रोगों से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और नियमित मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी।
बढ़ते किडनी रोगों पर चिंता
सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार शर्मा ने कहा कि बदलती जीवनशैली, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान, सही इलाज और जागरूकता से किडनी फेल होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जागरूकता फैलाने का संदेश
कार्यक्रम में डॉ. सतिंदर पाल अग्रवाल भी शामिल हुए और उन्होंने किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रयासों की सराहना की। अस्पताल प्रबंधन ने इस अवसर पर किडनी रोगों की रोकथाम और बेहतर उपचार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
