जालंधर स्थित एन.एच.एस अस्पताल में 21 और 22 फरवरी 2026 को रोबोट की मदद से जोड़ बदलने (जॉइंट रिप्लेसमेंट) सर्जरी पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हड्डियों और जोड़ों के आधुनिक इलाज के लिए प्रसिद्ध यह अस्पताल इस दौरान कूल्हे, घुटने और कंधे के जोड़ बदलने की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन करेगा। कार्यक्रम में भारत सहित दुनिया भर से 250 से अधिक डॉक्टर शामिल होंगे।
6 रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रदर्शन
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रोबोटिक तकनीक से की जाने वाली 6 सर्जरी का लाइव प्रसारण होगा। विशेष सर्जिकल वर्कशॉप के तहत घुटने, कूल्हे और रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट की सर्जरी का सीधा प्रदर्शन किया जाएगा। इससे उपस्थित डॉक्टर आधुनिक तकनीक की सटीकता और सुरक्षा को करीब से समझ सकेंगे।
विशेषज्ञों का नेतृत्व
इस कार्यक्रम का नेतृत्व अस्पताल के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभांग अग्रवाल करेंगे। उन्हें जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में 24 से अधिक वर्षों का अनुभव है और वे रोबोटिक सर्जरी के अग्रणी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उनके साथ अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी।
मरीजों के लिए विशेष कैंप
कार्यक्रम के अवसर पर 16 से 20 फरवरी 2026 तक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कम खर्च वाला जांच कैंप लगाया जाएगा। कूल्हे, घुटने और कंधे की सर्जरी की आवश्यकता वाले मरीजों की जांच कर उन्हें रियायती दर पर उपचार की सुविधा दी जाएगी।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे
रोबोटिक तकनीक से जोड़ को अत्यंत सटीक तरीके से लगाया जाता है, शरीर को कम नुकसान होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होता है। एन.एच.एस अस्पताल आधुनिक तकनीक और बेहतर मरीज देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को इस कार्यक्रम के माध्यम से और मजबूत कर रहा है।
