आजकल जीवन के पहलुओं को बेहतर और आसान बनाने के लिए AI की मदद ली जा रही है। ऐसे ही राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला के रिसर्चरों ने इसी कम्र में डायबिटीज मरीजों के लिए एक रिसर्च की है। वे AI की मदद से शुगर मरीजों के शुगर लेवल की पूरी जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं और प्रारंभिक सफलता भी मिल चुकी है।

हर कोई जानता है कि शुगर एक ऐसी बीमारी है जो जिंदगी भर इंसान का पीछा नहीं छोड़ती। अगर एक बार शुगर का पता चल जाए तो इंसान को जिंदगी भर दवाई खानी पड़ती है, लेकिन कुछ लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव कर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

NIT Rourkela में हुई रिसर्च

ओडिशा में स्थित एनआईटी राउरकेला के बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में ये रिसर्च की गई है। रिसर्चर्स का दावा है कि डायबिटीज के मरीजों के पास्ट के डेटा के आधार पर उनके फ्यूचर के शुगर लेवल का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि डॉक्टरों और इंजीनियरों के बीच के कॉर्डिनेशन से ऐसी तकनीक मरीजों के लिए लाई जा सकती है।

फ्यूचर में लोगों के मोबाइल में होगी इसकी Application

DW से बातचीत के दौरान प्रोफेसर खालिद ने बताया कि ये रिसर्च एक एप्लिकेशन पर आधारित है और इसे प्रारंभिक सफलता मिल चुकी है। यही वजह है कि वे इसके फ्यूचर को लेकर काफी होप रख रहे हैं। फ्यूचर में लोगों के मोबाइल तक इसकी एप्लिकेशन पहुंचाई जाएगी। डॉक्टर का कहना है कि इस रिसर्च का मक्सद डायबिटीज का सही अनुमान और फ्यूचर में होने वाली परेशानियों का कम करना है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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