हाल ही में किए गए एक स्टडी में यह पाया गया है कि एच5एन1 वैक्सीन किशोरों और बच्चों के लिए अधिक फायदेमंद हो सकती है, भले ही यह वैक्सीन मौजूदा वायरस के लिए विशेष रूप से न बनी हो। अमेरिका की पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के माध्यम से यह खुलासा किया कि कुछ पुराने मौसमी फ्लू वायरस से पहले हुए संक्रमण एच5एन1 बर्ड फ्लू के खिलाफ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं।

स्टडी का उद्देश्य और परिणाम

‘नेचर मेडिसिन’ नामक पत्रिका में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार 1968 से पहले के फ्लू वायरस के संपर्क में आए बुजुर्गों में एच5एन1 वायरस के खिलाफ अधिक एंटीबॉडी पाई गईं। माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर स्कॉट हेंसली के मुताबिक बचपन में हुए फ्लू संक्रमण से बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता जीवन भर बनी रह सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 और एच3एन2 वायरस से संपर्क में आने से बनी एंटीबॉडी अब एच5एन1 वायरस के खिलाफ भी प्रतिक्रिया कर सकती हैं। हालांकि, ये एंटीबॉडी संक्रमण को पूरी तरह से रोकने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन अगर एच5एन1 का प्रकोप बढ़ता है, तो यह बीमारी की गंभीरता को कम कर सकती हैं।

एच5एन1 वायरस और उसका खतरा

एच5एन1 वायरस, जो अब तक पक्षियों में फैलता था, अब मवेशियों में भी फैलने लगा है। इस वायरस का एक नया प्रकार (क्लेड 2.3.4.4बी) सामने आया है, जो इंसानों के श्वसन तंत्र की कोशिकाओं से आसानी से नहीं जुड़ता। लेकिन अगर यह वायरस स्तनधारी जीवों में फैलता है, तो इसमें बदलाव हो सकते हैं, जिससे यह इंसानों में भी तेजी से फैल सकता है। यदि ऐसा हुआ तो यह वायरस इंसानों के बीच फैलने का कारण बन सकता है।

फ्लू वैक्सीनेशन और एंटीबॉडी का संबंध

मौजूदा फ्लू वैक्सीन मुख्य रूप से वायरस के हीमैग्लुटिनिन प्रोटीन को पहचानने वाली एंटीबॉडीज बनाती हैं, जो वायरस को शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकती हैं। शोधकर्ताओं ने 1927 से 2016 के बीच जन्मे 150 से अधिक लोगों के खून के नमूनों की जांच की। इस जांच का उद्देश्य यह था कि वे यह देख सकें कि इन व्यक्तियों के शरीर में एच5एन1 सहित विभिन्न फ्लू वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडी कितनी हैं। परिणामस्वरूप यह पाया गया कि 1968 से पहले जन्मे लोगों में जिनका बचपन में एच1एन1 या एच2एन2 वायरस से संपर्क हुआ था, उनके शरीर में एच5एन1 वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडी अधिक थीं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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