डायबिटीज एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है, जो दुनियाभर में तेजी से फैल रही है। भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो अपनी दवाइयों का खर्च अपनी जेब से उठाते हैं। हालाँकि, एक अच्छी खबर सामने आई है, जिसमें बताया जा रहा है कि शुगर की दवा की कीमतों में भारी कमी आ सकती है, जिससे डायबिटीज मरीजों को राहत मिल सकती है।
डायबिटीज और इसके प्रभाव
डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से हार्ट, ब्रेन और किडनी पर। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो ये अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। भारत में इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) के अनुसार 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए दवाओं की जरूरत होती है, लेकिन कई मरीज अपनी जेब से इन दवाओं का खर्च उठाते हैं।
एम्पाग्लिफ्लोजिन दवा और उसका महत्व
टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में एम्पाग्लिफ्लोजिन (Empagliflozin) दवा का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा हार्ट और किडनी डिजीज के इलाज में भी मदद करती है। इस दवा को बनाने वाली जर्मन कंपनी बोहरिंगर इंगेलहाइम (Boehringer Ingelheim) का पेटेंट 11 मार्च 2025 को खत्म होने वाला है। इसके बाद भारतीय दवा कंपनियां से अपनी ब्रांडिंग के तहत लॉन्च करेंगी। इससे दवा की कीमतों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
दवा की कीमत में कटौती
भारत की प्रमुख दवा कंपनियां जैसे मैनकाइंड फार्मा, टॉरेंट, अल्केम, डॉ. रेड्डी और ल्यूपिन, एम्पाग्लिफ्लोजिन की सस्ती दवाएं लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। मैनकाइंड फार्मा, जर्मन कंपनी के मुकाबले 90% सस्ती दवा बेचने की योजना बना रही है। इससे 60 रुपए में बिकने वाली दवा सिर्फ 9 रुपए में उपलब्ध हो सकती है। यह खबर डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि अब वे सस्ती कीमतों पर प्रभावी इलाज पा सकेंगे।
डायबिटीज मरीजों को राहत
भारत में जहां 10.1 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, दवा का खर्च अक्सर एक बड़ा मुद्दा होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एम्पाग्लिफ्लोजिन का इस्तेमाल डायबिटीज के साथ-साथ हार्ट और किडनी डिजीज के इलाज में भी किया जाता है। दवा की कीमत घटने से मरीजों को एक बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि वे कम खर्च में इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
