आज हम आपको भारत के एक ऐसे डॉक्टर के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने कम समय में सबसे ज्यादा रोबोटिक सर्जरी करने का रिकॉर्ड बनाया है। डॉ. मगन मल्होत्रा ने डेढ़ साल के अंदर 450 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी की है, जिससे उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में एक अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया है।
रोबोटिक सर्जरी और सामान्य सर्जरी में अंतर
रोबोटिक सर्जरी और सामान्य सर्जरी के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं। जहां सामान्य सर्जरी में सर्जन हाथों से ऑपरेशन करते हैं, वहीं रोबोटिक सर्जरी में सर्जन रोबोटिक सिस्टम का उपयोग करके सटीकता और नियंत्रण के साथ सर्जरी करते हैं। डॉ. मगन मल्होत्रा के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी के दौरान पूरी प्रक्रिया सर्जन के नियंत्रण में रहती है, जबकि सामान्य सर्जरी में कभी-कभी सहायक उपकरण से असिस्टेंट का ध्यान कहीं और हो सकता है, जिससे जरा सी गलती हो सकती है।
ग्लोबल एसएसआई मल्टी-स्पेशलिटी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस में सम्मान
हाल ही में दिल्ली के पास गुरुग्राम में आयोजित ‘ग्लोबल एसएसआई मल्टी-स्पेशलिटी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस’ में 1200 से ज्यादा डॉक्टरों ने भाग लिया। इस कॉन्फ्रेंस में मुरादाबाद के सर्जन डॉ. मगन मल्होत्रा को रोबोटिक सर्जरी में सबसे ज्यादा सर्जरी करने के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उनकी कड़ी मेहनत और देश में रोबोटिक सर्जरी के प्रति उनके योगदान को मान्यता देता है।
भारत में रोबोटिक सर्जरी की पहुंच
डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी आमतौर पर महंगी मानी जाती है और बड़े शहरों तक सीमित रहती है। हालांकि उन्होंने एक छोटे शहर में रहते हुए कम लागत में रोबोटिक सर्जरी करके मरीजों की मदद की है। भारत में अब यह सर्जरी छोटे शहरों के अस्पतालों में भी उपलब्ध हो सकती है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे
रोबोटिक सर्जरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सर्जन को अधिक नियंत्रण प्रदान करती है। इसमें सर्जरी के दौरान ब्लड लॉस कम होता है, जिससे रिकवरी जल्दी होती है। इसके अलावा, इस प्रकार की सर्जरी में दर्द भी कम होता है, जिससे मरीजों को जल्द आराम मिलता है।
सुरक्षा और सटीकता में वृद्धि
रोबोटिक सर्जरी सामान्य सर्जरी के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और सटीक होती है। डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, रोबोट्स केवल सर्जन के द्वारा निर्धारित दिशा में काम करते हैं, जिससे सर्जरी के दौरान किसी प्रकार की गलती की संभावना कम हो जाती है।
