जेम्स हैरिसन, जिन्हें ‘मैन विद द गोल्डन आर्म’ के नाम से जाना जाता है, अब हमारे बीच नहीं रहे। 17 फरवरी 2025 को 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। हालांकि उनका योगदान दुनिया भर में हमेशा याद किया जाएगा। हैरिसन ने अपने जीवन में लगभग 1173 बार ब्लड डोनेट किया और इस दौरान उन्होंने 24 लाख से अधिक अजन्मे बच्चों की जान बचाई। उनकी यह उपलब्धि किसी आश्चर्य से कम नहीं है, और वह अपने अनोखे रक्त के कारण एक सच्चे नायक के रूप में उभरे।
जेम्स हैरिसन का योगदान: 24 लाख बच्चों की जान बचाई
हैरिसन का ब्लड एक विशेष कारण से इतना महत्वपूर्ण था। उनके रक्त में एक दुर्लभ एंटीबॉडी थी जिसे एंटी-डी कहा जाता है। एंटी-डी का उपयोग उन महिलाओं के लिए किया जाता है, जिनकी रेड ब्लड सेल्स उनके अजन्मे बच्चों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसे रीसस डी हेमोलिटिक रोग (Hemolytic Disease of the Fetus and Newborn – HDFN) कहा जाता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए एक गंभीर समस्या होती है। जेम्स हैरिसन के रक्त में पाया जाने वाला यह एंटीबॉडी जीवन रक्षक साबित हुआ, जिससे उन्होंने हजारों बच्चों को जन्म से पहले ही मौत के मुंह से बचाया।
एंटी-डी: एक दुर्लभ एंटीबॉडी का महत्व
एंटी-डी एक ऐसा एंटीबॉडी है जो उन महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी होता है, जिनकी रक्त कोशिकाएं रीसस पॉजिटिव बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। जब एक महिला रीसस निगेटिव होती है और उसका बच्चा रीसस पॉजिटिव होता है, तो मां का शरीर बच्चे को खतरे में डाल सकता है। एंटी-डी का इस्तेमाल इस खतरे को कम करने के लिए किया जाता है। जेम्स हैरिसन का रक्त एंटी-डी से भरपूर था, और इसने हजारों महिलाओं के बच्चों को बचाया।
ब्लड डोनेशन का रिकॉर्ड
जेम्स हैरिसन ने 14 साल की उम्र में ही ब्लड डोनेट करने का फैसला किया था। 18 साल की उम्र से उन्होंने नियमित रूप से ब्लड डोनेट किया। 2005 में उन्होंने सबसे ज्यादा ब्लड डोनेट करने का रिकॉर्ड बनाया, जब उन्होंने एक बार में 1000 बार रक्तदान किया। उनकी इस दया और सहानुभूति से प्रेरित होकर लाखों लोग रक्तदान के महत्व को समझने लगे।
ऑस्ट्रेलियाई रेड क्रॉस का श्रद्धांजलि संदेश
ऑस्ट्रेलियाई रेड क्रॉस ब्लड सर्विस ने जेम्स हैरिसन को श्रद्धांजलि दी। संस्था ने कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा, और उनका रक्तदान न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया में लाखों बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ। उन्होंने न सिर्फ रक्तदान किया, बल्कि लाखों लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया।
निधन के बाद भी याद रखी जाएगी हैरिसन की विरासत
जेम्स हैरिसन का निधन एक बड़ी क्षति है, लेकिन उनके द्वारा किए गए योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उनके रक्तदान और एंटी-डी के जरिए लाखों जीवन बचाने की उनकी यात्रा हमेशा एक प्रेरणा बनी रहेगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
