मुंबई में गिलियन-बार्रे सिंड्रोम (GBS) के कारण 53 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई है। यह घटना मुंबई के नायर अस्पताल में हुई, जहां इलाज के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर हो गई और वह जिंदगी की जंग हार गया। इस मौत के साथ महाराष्ट्र में इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार के कारण होने वाली मौतों की संख्या अब 8 तक पहुंच गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आयुक्त ने इस घटना की पुष्टि की।
महाराष्ट्र में कुल 192 संदिग्ध मामले और 172 पुष्ट मामले
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 11 फरवरी तक राज्य में गिलियन-बार्रे सिंड्रोम के 192 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इन संदिग्ध मामलों में से 172 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। अब तक इस बीमारी के कारण राज्य में कुल 8 मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उचित कदम उठा रहा है।
पुणे और आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक मामले
गिलियन-बार्रे सिंड्रोम के मामलों में सबसे अधिक पुणे और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखे गए हैं। पुणे महानगरपालिका (PMC) क्षेत्र में 92 मामले दर्ज किए गए हैं, पिंपरी चिंचवड में 29 और पुणे ग्रामीण क्षेत्र में 28 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों से भी 8 मामले दर्ज किए गए हैं। इन क्षेत्रों में प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कदम उठाए हैं।
आईसीयू में 50 मरीज, 20 वेंटिलेटर पर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 104 मरीजों को अब तक अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 50 मरीजों की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में भर्ती हैं। इन गंभीर मरीजों में से 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, और उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वे संक्रमित मरीजों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और उन्हें बेहतर उपचार मुहैया कराएंगे।
पानी की आपूर्ति संयंत्रों पर कार्रवाई
पुणे नगर निगम ने 6 फरवरी को शहर के नंदेड, धायरी और सिंहगढ़ गांव के बाहरी इलाकों में स्थित 30 निजी जल आपूर्ति संयंत्रों को सील कर दिया। इन संयंत्रों में अत्यधिक मात्रा में एस्केरिचिया कोलाई बैक्टीरिया पाए गए थे, जो गिलियन-बार्रे सिंड्रोम के प्रसार से जुड़े हो सकते हैं। कुछ संयंत्रों के पास आवश्यक अनुमति भी नहीं थी। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पानी की गुणवत्ता पर और अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
स्वास्थ्य मंत्री की उच्च स्तरीय बैठक
3 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने महाराष्ट्र के स्वास्थ्य और चिकित्सा मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में गिलियन-बार्रे सिंड्रोम के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
