बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने हाल ही में अपने लाल मिर्च पाउडर के एक बैच को वापस मंगाने का निर्णय लिया है। यह कदम FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के निर्देश के बाद उठाया गया है। FSSAI ने इस बैच को सुरक्षा मानकों पर खरा न पाए जाने के कारण वापसी का आदेश दिया था। पतंजलि ने घोषणा की कि वह अपने ग्राहकों को इस पाउडर की पूरी कीमत रिफंड करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक पतंजलि फूड्स लिमिटेड लगभग चार टन लाल मिर्च पाउडर बाजार से वापस मंगाएगी।

मिलावटी मिर्च का खतरा

लाल मिर्च पाउडर भारतीय रसोई में एक आवश्यक मसाला है, जो खाने में स्वाद और रंग दोनों ही प्रदान करता है। हालांकि अब पैकेट वाले मसालों में मिलावट की समस्या बढ़ती जा रही है। इन मसालों में अक्सर लकड़ी का बुरादा, ईंट का चूरा, कृत्रिम रंग और अन्य हानिकारक पदार्थ मिलाए जाते हैं। इन मिलावटों से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

FSSAI की सलाह: मिलावट की पहचान कैसे करें

FSSAI ने मिलावटी लाल मिर्च पाउडर की पहचान करने के लिए कुछ सरल तरीके बताए हैं, जिन्हें घर पर आसानी से किया जा सकता है।

ईंट के पाउडर की पहचान

एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर मिलाएं और इसे हाथ से रगड़ें। अगर रगड़ने पर किरकिरापन महसूस हो तो इसका मतलब है कि पाउडर में ईंट का पाउडर या रेत मिलाई गई हो सकती है। यदि अवशेष साबुन जैसा चिकना लगे, तो इसका मतलब है कि पाउडर में सोप स्टोन की मिलावट हो सकती है।

स्टार्च की पहचान

कभी-कभी मिर्च पाउडर में स्टार्च मिलाया जाता है। इसकी पहचान करने के लिए, मिर्च पाउडर में कुछ बूंदें आयोडीन घोल की डालें। यदि पाउडर का रंग नीला हो जाए, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च मिलाया गया है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

आर्टिफिशियल कलर की पहचान

लाल मिर्च पाउडर में चमकदार रंग पाने के लिए आर्टिफिशियल कलर मिलाए जाते हैं। इसकी पहचान के लिए एक गिलास पानी में थोड़ा पाउडर डालें। यदि पानी में रंगीन लकीरें दिखाई दें, तो पाउडर मिलावटी हो सकता है, जिसमें पानी में घुलनशील रंग मिलाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

क्यों जरूरी है मिलावटी मिर्च से बचाव?

मिलावटी मिर्च पाउडर से न केवल हमारे पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह लंबी अवधि में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम ऐसे मिलावटी उत्पादों से बचें और केवल प्रमाणित और सुरक्षित खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें।

पतंजलि द्वारा उठाए गए इस कदम से यह साफ है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उपभोक्ताओं को अब यह ध्यान रखना होगा कि वे जो मसाले खरीद रहे हैं, वे शुद्ध और सुरक्षित हों।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

By tnm

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