बीते कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के भिंड जिले के फूप इलाके के लोग दूषित पानी की वजह से काफी परेशान है। ऐसे में वहां के लोगों ने दावा किया है कि दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं सरकार ने इस बात को नकारते हुए कहा कि दूषित पानी से किसी की मौत नहीं हुई है, बल्कि सिर्फ 76 लोग बीमार हुए हैं।
दूषित पानी से केवल उल्टी और दस्त की शिकायत
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बीते सोमवार को दूषित पानी की वजह से उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर 52 मरीज हॉस्पिटल भर्ती हुए, जबकि मंगलवार को 24 और नए मरीज भर्ती हुए। वहीं यह सभी मामले भिंड फूप इलाके के दो वार्डों से मिले हैं। हालांकि भिंड के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बीते बुधवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद मीडिया को बताया कि 76 लोगों ने हॉस्पिटल में उल्टी और दस्त की शिकायत की है। जिसमें से 13 लोग अभी भी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इतना ही नहीं उनमें से तीन को ग्वालियर रेफर किया गया, जबकि सात अभी भी मुरैना स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में हैं और बाकी मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। साथ ही कलेक्टर ने बताया कि दूषित पानी से किसी की जान नहीं गई है।
कलेक्टर ने बताया इन वजह से दो लोगों की हुई मौत
कलेक्टर ने बताया कि इस प्रभावित इलाके में एक बुजुर्ग कई बीमारियों से ग्रसित था, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई है। ऐसे में यह नहीं कह सकते कि बुजुर्ग की मौत दूषित पानी से हुआ है। वहीं दूसरे व्यक्ति की मौत डिहाइड्रेशन की वजह से हुआ था। साथ ही उन्होंने बताया कि फूप में तीन एंबुलेंस तैनात किए गए हैं, जबकि ग्वालियर और मुरैना की एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया है ताकि आपातकालीन स्थिति बनने पर यह एंबुलेंस तुरंत काम कर सके। इसके अलावा यहां मरीजों की संख्या बढ़ने पर हेल्थ डिपार्टमेंट ने अलर्ट जारी किया है, प्रभावित वार्डों की निगरानी करने और बीमार मरीजों को ओआरएस और जरूरी दवाएं उपलब्ध करवाए गए हैं।
इन वजहों से हुआ है दूषित पानी
वहीं फूप इलाके में नाले के पास नए बिजली के खंभे लगाए जाने की वजह से घरों में पाइप से आने वाला पानी गंदा हो गया है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिट्टी खोदने के लिए इस्तेमाल की गई मशीनरी ने भी घरेलू जल आपूर्ति लाइन को नुकसान पहुंचाया है। जिससे नाले का पानी घरों में जाने वाली पानी की लाइन दूषित हो गई है।
