जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के खवास ब्लॉक स्थित बडाल गांव में एक रहस्यमयी बीमारी ने भारी दहशत फैल दी है। डेढ़ महीने के भीतर इस बीमारी से 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। ताजा घटना में एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके 5 भाई-बहन अभी अस्पताल में भर्ती हैं।
मौतों का रहस्य बना हुआ है
डॉक्टर अब तक इस बीमारी के कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। PGI, AIIMS, और NCDC के विशेषज्ञों ने गांव का दौरा किया है और सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं, लेकिन बीमारी का कारण अभी भी रहस्यमयी बना हुआ है। मृत बच्ची का शव SMGS अस्पताल में रखा गया है, और बाकी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पूरे गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल है।
बीमार बच्चों का इलाज जारी
मृतक बच्ची के 5 सगे भाई-बहन अब भी बीमार हैं। तीन को जम्मू के SMGS अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है। बाकी दो का इलाज राजौरी के राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMC) में चल रहा है। इसके अलावा एक महिला और 5 अन्य बच्चे पहले से जम्मू और राजौरी के अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।
अफजल परिवार की त्रासदी
8 दिसंबर को बडाल गांव के मुहम्मद अफजल और उसके परिवार के सदस्य बीमार पड़े थे। अफजल की उसी दिन मौत हो गई, और कुछ दिन में उसके 4 बच्चों की भी मौत हो गई। उनकी पत्नी अभी जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में जिंदगी-मौत के बीच झूल रही है। अफजल के निधन के बाद एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें असलम का परिवार भी शामिल था। कार्यक्रम के बाद असलम के सभी 6 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए।
दिमाग पर असर डाल रही है बीमारी
राजौरी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एएस भाटिया और SMGS अस्पताल जम्मू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दारा सिंह का मानना है कि यह मामला फूड पॉइजनिंग का हो सकता है, लेकिन इतने दिन बाद भी मौतों का सिलसिला जारी रहने से यह मामला एक रहस्यमयी बीमारी का प्रतीत हो रहा है। बीमार बच्चों के दिमाग पर असर पड़ रहा है और कुछ ही मिनटों में उनकी हालत गंभीर हो जा रही है।
सैंपल की जांच और जांच की प्रक्रिया
गांव में फैली इस रहस्यमयी बीमारी के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पीजीआई चंडीगढ़, एम्स दिल्ली और एनसीडीसी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीमें गांव का दौरा कर चुकी हैं। सैंपल की जांच के लिए विशेष लैब भी गांव में लाई गई थी, लेकिन अब तक बीमारी के कारण का खुलासा नहीं हो सका है।
स्वास्थ्य अलर्ट जारी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बीमारी के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य अलर्ट घोषित किया है और लोगों से एहतियाती उपायों का पालन करने की अपील की है। बडाल में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किया गया है, जहां मुफ्त चिकित्सा जांच और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
