चीन से फैला मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) अब कई देशों में पांव पसार चुका है। भारत में भी इसके कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बीच राहत की खबर आई है कि चीन के उत्तरी क्षेत्र में HMPV संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है। हालांकि इस वायरस का कोई टीका अभी तक उपलब्ध नहीं है, और इससे बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
क्या है HMPV और इसके लक्षण
HMPV संक्रमण, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) जैसा ही होता है, और इसके लक्षण फ्लू या सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं, जैसे बुखार, खांसी, नाक बंद होना आदि। यह संक्रमण खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित करता है। बच्चों में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
चीन ने क्या कहा
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक प्रवक्ता वांग लिपिंग ने हाल ही में बताया कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है और यह कई दशकों से मानवों के बीच है। उनका कहना था कि वर्तमान में वायरस के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, लेकिन उत्तरी चीन के प्रांतों में सकारात्मक मामलों की दर में गिरावट आई है। उन्होंने यह भी कहा कि 14 साल या उससे कम आयु के बच्चों में HMPV के मामलों में कमी देखी जा रही है।
चीन में संक्रमण की स्थिति
हालांकि पहले चीन के उत्तरी क्षेत्रों में HMPV संक्रमण के मामलों में वृद्धि की खबरें आई थीं, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ी थी। अस्पतालों में भी भारी संख्या में लोग मास्क पहनकर पहुंचे थे। हालांकि चीन के स्वास्थ्य आयोग ने यह पुष्टि की है कि वर्तमान में वायरस के मामलों की संख्या में कमी आई है और सामान्य तौर पर चिकित्सा संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
HMPV का COVID-19 से अंतर
विशेषज्ञों का कहना है कि HMPV, COVID-19 से अलग है, क्योंकि यह दशकों से मौजूद है और इसके लिए कुछ हद तक प्रतिरक्षा विकसित हो चुकी है। इसके अलावा अधिकांश बच्चे 5 साल की उम्र तक इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।
बचाव की सलाह
वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने HMPV से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर बच्चों के लिए। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि यह वायरस उनके लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
