इस समय हर कोई व्यक्ति एचएमपीवी को लेकर डरा हुआ है। वायरस को लेकर दिमाग में अलग-अलग तरह के ख्याल आ रहे हैं। ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि इसका कोई भी इलाज नहीं है। यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकता है हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो पांच साल से छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को एचएमपीवी होने का जोखिम रहता है। इसके अलावा जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है या फिर जो लोग गंभीर बीमारी की चपेट में उनको भी एचएमपीवी हो सकता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को भी यह डर लग रहा है कि उनके गर्भ में पल रहे शिशु को एचएमपीवी का कोई खतरा तो नहीं होगा। क्या गर्भवती महिलाएं एचएमपीवी की चपेट में आ सकती हैं। आज आपको इसी बारे में बताएंगे।
एचएमपीवी के कारण प्रेग्नेंसी होगी प्रभावित
किसी भी तरह की रेस्पिरेटरी समस्याओं का खतरा प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा ज्यादा होता है। ऐसे ही एचएमपीवी के लिए कहा जा रहा है। इस दौरान महिलाओं की इम्यूनिटी बहुत कमजोर होती है इसलिए उन्हें थोड़ा ज्यादा अलर्ट रहने की जरुरत होती है। यदि प्रेग्नेंसी में एचएमपीवी हो तो इसका बुरा प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु को भी हो सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, गर्भवस्था में एचएमपीवी होने के कारण उम्र के हिसाब से छोटे बच्चे का जन्म होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में महिलाओं को सभी जरुरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

इस तरह प्रेग्नेंसी को प्रभावित करेगा एचएमपीवी
. यदि महिलाओं को प्रेग्नेंसी में एचएमपीवी हो तो उन्हें रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसी समस्याएं मां और शिशु दोनों की हेल्थ पर बुरा असर डालती हैं।
. सांस संबंधी दिक्कतें होने के कारण बच्चे तक पूरी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचता और उनमें पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
. एचएमपीवी के कारण जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है या उसकी हाइट बाकी बच्चों के मुकाबले कम हो सकती है।

. यदि समय रहते प्रेग्नेंसी में एचएमपीवी का इलाज न हो तो इसके कारण निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। निमोनिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है इसके कारण प्रीटर्म डिलीवरी, डिलीवरी के दौरान शिशु का वजन कम होना, बच्चे को इंफेक्शन का खतरा होना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।
एचएमपीवी से ऐसे करें बचाव
. इससे बचने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने हाइजीन का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
. कोई भी चीज को जब हाथ लगाएं तो उसके एकदम बाद चेहरे और आंखें न छुएं।
. इस वायरस से बचने के लिए हाथों को नॉन एल्कोहॉलिक बेस्ड सैनिटाइजर से धोएं।

. यदि इसके लक्षण दिखें तो घर के बाहर न जाएं।
. किसी भीड़ भार वाले एरिया में जाने से पहले मास्क जरुर पहनें।
. जरुरी वैक्सीन्स जरुर लगवाएं। इससे सामान्य कोल्ड कफ और एचएमपीवी से बचाव में आपको मदद मिलेगी।
. गर्भवती महिलाओं को एचएमपीवी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
