भारत में राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी की जांच और इलाज मुफ्त उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद कई मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक नई स्टडी के मुताबिक आय में गिरावट और अस्पताल में भर्ती होने की वजह से टीबी के इलाज पर मरीजों को कड़ी आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ता है।
आर्थिक बोझ के मुख्य कारण
अधिकारियों का कहना है कि टीबी के दौरान मरीज काम नहीं कर पाते, जिससे उनकी आय में गिरावट आती है। अस्पताल में भर्ती होने से खर्च और बढ़ जाता है। इस स्टडी में 1,400 से अधिक मरीजों से साक्षात्कार लेकर यह आंकड़े प्राप्त किए गए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार इलाज पर औसतन 386.1 डॉलर खर्च आता है, जिसमें से 34% खर्च सीधे चिकित्सा देखभाल पर है, जैसे अस्पताल में भर्ती होना और निदान की प्रक्रिया।
अप्रत्यक्ष खर्च अधिक
स्टडी में पाया गया कि अप्रत्यक्ष खर्च, यानी बीमारी के दौरान खोई हुई मजदूरी, मरीजों पर ज्यादा बोझ डालती है। औसतन 279.8 डॉलर की अप्रत्यक्ष लागत पर खर्च आता है। यह प्रत्यक्ष खर्चों से कहीं अधिक है। विशेष रूप से उन मरीजों पर अधिक असर पड़ता है, जिनकी आयु 60 साल से कम है और जिनके पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है।
प्राइवेट अस्पतालों का खर्च
अस्पताल में भर्ती होने का खर्च प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से बढ़ा देता है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने से खर्च दोगुना हो सकता है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग अधिक प्रभावित होते हैं।
स्वास्थ्य बीमा और समय पर पहचान की आवश्यकता
शोधकर्ताओं का कहना है कि टीबी के मरीजों को कवर करने के लिए स्वास्थ्य बीमा का दायरा बढ़ाने और बीमारी का जल्द पता लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी सिफारिश की है कि टीबी के सामाजिक कारकों को हल करने से मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सकता है।
भारत में टीबी के मामले
भारत में टीबी के मामले दुनिया के कुल मामलों का एक चौथाई (26%) हैं। 2023 में भारत ने वैश्विक टीबी मामले का सबसे बड़ा हिस्सा दर्ज किया। टीबी, जिसे यक्ष्मा भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जिसका इलाज संभव है, लेकिन इसके बावजूद यह हर साल लाखों लोगों की जान ले लेता है।
टीबी उन्मूलन के लक्ष्य
भारत सरकार का उद्देश्य 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य 2035 तक इस बीमारी का उन्मूलन करना है। हालांकि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए और भी अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
