उत्तराखंड के चमोली जिले में अगले 24 घंटों के दौरान एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा बढ़ने के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बर्फबारी और तापमान में बदलाव के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की संभावना जताई गई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
क्या होता है एवलांच (Avalanche)?
एवलांच, जिसे हिमस्खलन भी कहा जाता है, तब होता है जब एक बड़ी मात्रा में बर्फ, चट्टान, मिट्टी और अन्य सामग्री पहाड़ों से तेजी से नीचे गिरने लगती है। यह प्राकृतिक रूप से होता है, लेकिन इंसानी गतिविधियां जैसे स्कीइंग और स्नोमोबिलिंग इसे बढ़ावा दे सकती हैं। एवलांच के दौरान बर्फ और मलबा तेज गति से नीचे गिरते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
एवलांच क्यों आता है?
एवलांच तब होता है जब पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फ की परतें एकत्रित हो जाती हैं और इन पर दबाव बढ़ने लगता है। बर्फ का खिसकना तेज गति से नीचे की ओर बहने लगता है और इस दौरान रास्ते में आने वाली किसी भी चीज को साथ बहा ले जाता है। खासकर ढलान पर बर्फ की अस्थिर परतों के कारण ट्रैकिंग और यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है।
अगर आप एवलांच में फंस जाएं तो क्या करें?
चोट से बचने के लिए
भारी सामान या मशीनों को अपने ऊपर न आने दें, उन्हें दूर धकेलें।
ठोस चीज़ों को पकड़ें
बर्फीले तूफान में बहने से बचने के लिए किसी पेड़ या चट्टान को पकड़ने की कोशिश करें।
सांस की परेशानी से बचें
अपना मुंह और नाक बंद रखें, ताकि बर्फ में सांस लेने में कठिनाई न हो।
तैरने की कोशिश करें
अगर आप बह रहे हैं तो तैरने की कोशिश करें ताकि आप बर्फ की सतह पर बने रहें।
हिमस्खलन की दिशा में जाएं
खुद को हिमस्खलन की दिशा की ओर खींचने की कोशिश करें।
सतह की ओर धकेलें
जब हिमस्खलन धीमा हो, तो सतह की ओर धकेलें और एक हाथ से एयर पॉकेट बनाएं।
हिमस्खलन से बचने के उपाय
मौसम का ध्यान रखें
अखबार, रेडियो या टीवी के जरिए मौसम की जानकारी लेते रहें और एवलांच अलर्ट से अवगत रहें।
सुरक्षित स्थान पर रहें
यदि आपके इलाके में हिमस्खलन का अलर्ट है, तो घर में रहें और बाहर जाने से बचें।
खतरनाक स्थानों से बचें
खड़ी ढलानों और असुरक्षित जगहों पर न जाएं, जहां बर्फ खिसकने का खतरा हो।
आपातकालीन मार्ग तैयार रखें
बचाव के लिए आपातकालीन मार्ग पहले से तय करें और ट्रेकिंग के दौरान निशान छोड़ें, ताकि स्थिति को आसानी से
पहचाना जा सके।
इन बातों का भी रखें ध्यान
बर्फ खिसकने की आशंका वाले ढलानों से दूर रहें और कमजोर बर्फ के पत्थरों से बचें।
ऐसी जगहों पर यात्रा करने से पहले पूरी तैयारी करें और सुरक्षा उपकरण जैसे हथौड़ा, कुदाल, रस्सी आदि लेकर चलें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
