अगर आप सर्दी के मौसम में गजक खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी हो सकती है। हाल ही में, गोनियाना मंडी शहर में एक गजक फैक्ट्री को सील कर दिया गया, जहां गजक को बेहद गंदे तरीके से तैयार किया जा रहा था। यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि यहां गजक बनाने में साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था और गजक को पैरों से तैयार किया जा रहा था।
वायरल तस्वीरों से हुआ खुलासा

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि गजक को मशीनों की बजाय हाथों से तैयार किया जा रहा था और मूंगफली के छिलकों को हाथों के साथ-साथ गंदे पैरों से भी हटाया जा रहा था। यह दृश्य बेहद घिनौना था और देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। इसके बाद, स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गजक फैक्ट्री को सील कर दिया और गजक के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।
फैक्ट्री के मालिक के पास नहीं था लाइसेंस

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फैक्ट्री के मालिक के पास किसी भी प्रकार का लाइसेंस नहीं था, यानी वह बिना अनुमति के इस फैक्ट्री को चला रहा था। इसके अलावा गजक बनाने की प्रक्रिया में साफ-सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। मौके से लगभग साढ़े चार क्विंटल गजक बरामद हुई, जिसे सील कर लिया गया और इसके सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गजक फैक्ट्री को सील कर दिया और जांच शुरू कर दी। विभाग का कहना है कि गजक जैसे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि लोगों की सेहत को कोई खतरा न हो।
गजक खाने से पहले सोचें
यह घटना यह दर्शाती है कि हमें हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम जो खाद्य पदार्थ खा रहे हैं, वह साफ-सुथरे और सुरक्षित तरीके से तैयार किया गया हो। विशेष रूप से सर्दी के मौसम में, जब गजक जैसे पारंपरिक मिठाइयों का सेवन बढ़ जाता है, तो हमें उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
अब जब आप अगली बार गजक खाएं, तो इस घटना को याद जरूर रखें।
