जम्मू-कश्मीर में सर्दी का सबसे कठोर समय, चिल्लई कलां शुरू हो चुका है। यह 40 दिनों की लंबी और कड़ी सर्दी होती है, जो कश्मीर के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। चिल्लई कलां इस साल 21 दिसंबर से लेकर 29 जनवरी तक रहेगा। इस दौरान तापमान शून्य से भी नीचे गिर जाता है, और कश्मीर के प्रसिद्ध डल झील जैसे जलाशय जमने लगते हैं। कश्मीरी लोग इस दौरान कांगेर (फायरिंग पॉट) और गर्म कपड़ों का उपयोग करके इस कठोर सर्दी से बचते हैं। आइए जानते हैं चिल्लई कलां क्या है और यदि आप इस दौरान कश्मीर घूमने जा रहे हैं, तो किन बातों का ध्यान रखें।
चिल्लई कलां क्या है?
कश्मीर में सर्दी के तीन प्रमुख हिस्से होते हैं, जिन्हें चिल्लई कलां, चिल्लई खुर्द, और चिल्लई बाचे कहा जाता है। चिल्लई कलां 21 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलता है और यह कश्मीर का सबसे कठोर समय होता है। इस दौरान तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, और बर्फबारी के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो जाता है। चिल्लई खुर्द 31 जनवरी से 19 फरवरी तक होता है, जो कि 20 दिन का होता है। इस दौरान सर्दी थोड़ी कम हो जाती है। चिल्लई बाचे, जिसे छोटी ठंड भी कहा जाता है, 20 फरवरी से 2 मार्च तक रहता है और इसमें ठंड और भी कम हो जाती है।
कश्मीरी लोग सर्दी से बचने के लिए क्या खाते हैं?
चिल्लई कलां के दौरान कश्मीरी लोग अपनी सेहत और ऊर्जा बनाए रखने के लिए खास खाद्य पदार्थ खाते हैं।
हरीसा
यह मटन और मसालों से बनता है और यह उच्च कैलोरी वाला भोजन है, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इसे रात के समय आग पर बड़े बर्तनों में पकाया जाता है।
कहवा
यह एक पारंपरिक कश्मीरी चाय है, जिसे मसाले, केसर और चीनी के साथ तैयार किया जाता है, जो शरीर को गर्म रखने में सहायक है।
कश्मीर घूमते समय रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप चिल्लई कलां के दौरान कश्मीर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
अधिक समय की छुट्टियां लें
कश्मीर में सर्दियों में भारी बर्फबारी और कोहरे के कारण यात्रा में कठिनाई हो सकती है, इसलिए छुट्टियों का ज्यादा समय लेकर जाएं।
सड़क और ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो सकती हैं और ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कभी-कभी गाड़ियां बर्फ में फंसने के कारण ट्रेन छूटने का खतरा रहता है।
सही कपड़े और जूते पहनें
कश्मीर की ठंड और बर्फबारी को देखते हुए आपको गर्म कपड़े, दस्ताने और लंबी बूट्स पहनने की जरूरत पड़ेगी।
छाता और अतिरिक्त मोजे साथ रखें
बर्फबारी और बारिश के कारण कपड़े भीग सकते हैं, इसलिए छाता और अतिरिक्त मोजे जरूर साथ लेकर चलें।
फर्स्ट ऐड बॉक्स रखें
सर्दी और बर्फबारी के कारण तबीयत खराब हो सकती है, इसलिए फर्स्ट ऐड बॉक्स साथ रखें, जिसमें जरूरी दवाइयां और सामग्री हो।
यात्रा का प्लान फ्लेक्सिबल रखें
बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, इसलिए अपनी यात्रा का प्लान लचीला रखें और अतिरिक्त दिन जोड़कर जाएं ताकि आप कोई भी अप्रत्याशित समस्या का सामना कर सकें।
