आजकल बहुत से लोग ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) और रूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) जैसी जोड़ों की बीमारियों से पीड़ित हैं। हालांकि, दोनों बीमारियों के लक्षण समान हो सकते हैं, लेकिन इनके बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। यह जानना जरूरी है कि इन दोनों के इलाज का तरीका भी अलग होता है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) क्या है?
ऑस्टियोआर्थराइटिस एक सामान्य जोड़ों की बीमारी है, जो अक्सर बुजुर्गों में पाई जाती है। इसमें जोड़ में उपास्थि (जोड़ों के बीच कुशन) की घिसाई और नुकसान होता है, जिससे दर्द और सूजन होती है। यह समस्या अधिकतर उन जोड़ों में होती है, जो शरीर का वजन सहन करते हैं, जैसे घुटने और कूल्हे। इसके लक्षणों में दर्द, सूजन और कठोरता शामिल होते हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन 65 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में अधिक आम है।
रूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) क्या है?
रूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्युनिटी अपनी ही जोड़ों की कोशिकाओं पर हमला करती है। यह बीमारी आमतौर पर 30-40 साल की आयु में शुरू होती है और महिलाओं में ज्यादा होती है। इसमें सूजन, दर्द और विकृति जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह मुख्य रूप से हाथों के छोटे जोड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन समय के साथ अन्य जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। इसका पारिवारिक इतिहास होने की संभावना अधिक होती है, खासकर मातृ पक्ष से।
ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड आर्थराइटिस के बीच अंतर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऑस्टियोआर्थराइटिस में उपास्थि की घिसाई और फटने के कारण जोड़ों में दर्द होता है, जबकि रूमेटाइड आर्थराइटिस में इम्यून सिस्टम द्वारा जोड़ में सूजन और घाव उत्पन्न होते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस आमतौर पर वृद्धावस्था में होता है और घुटने, कूल्हे जैसे वजन सहन करने वाले जोड़ों को प्रभावित करता है, जबकि रूमेटाइड आर्थराइटिस छोटे जोड़ जैसे हाथों को प्रभावित करता है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड आर्थराइटिस का इलाज
इन दोनों स्थितियों का इलाज अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। हल्के लक्षणों के लिए दर्द निवारक दवाओं और नियमित व्यायाम से राहत मिल सकती है। गंभीर मामलों में विशेष DMARD दवाओं (Disease-modifying antirheumatic drugs) और स्टेरॉयड्स की आवश्यकता होती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस के मामलों में इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए इम्यूनोथेरेपी दवाएं दी जाती हैं। कुछ मामलों में जहां विकृति गंभीर हो, वहां स्प्लिंटिंग और सर्जरी की आवश्यकता भी हो सकती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
